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अमेरिका में हुआ चमत्कार, 20 साल की लड़की मरने के बाद हुई जिंदा, सभी के उड़ गए होश

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 August 2020, 12:05 IST

अमेरिका के मिशिगन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि एक 20 साल की लड़की जो दिव्यांग थी, जब फ्यूनरल होम में उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थी, तब अचानक उसने अपनी आंखें खोल दी. इस घटना के बाद वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए.

डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मिशिगन शहर की रहने वाली 20 साल की तिमेशा बिउचैंप एक दिव्यांग है और बीते रविवार सुबह 7:30 बजे उनके परिवार ने उन्हें बेहोशी की हालत में पाया और फिर एंबुलेंस को कॉल किया. साउथ फील्ड फायर डिपार्टमेंट के स्वास्थ्य विभाग ने इस कॉल का जवाब दिया और बताए गए एड्रेस पर वह पहुंचे तो उन्होंने पाया कि जिस महिला के लिए कॉल किया गया है वह सांस नहीं ले रही थी.

साउथ फील्ड फायर डिपार्टमेंट के प्रमुख जॉनी मेनिफे ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद टीम ने लगभग 30 मिनट तक महिला को जीवित करने के लिए तमाम उपाय किए जिसमें सीपीआर भी शामिल हैं, लेकिन काम किए गए उपायों के बाद भी तिमेशा बिउचैंप की सांस वापस नहीं आई और फिर उन्हें मेडिकल रीडिंग और पेशेंट की स्थिति के आधार पर मृत घोषित किया गया.

 

इस मामले से संबंधित एक पुलिसकर्मी ने ClickOnDetroit नामक वेबसाइट को बताया कि जब सेंट्रल होम में लड़की ने आंखें खोली और सांस लेने लगी तो उसके बाद उन्होंने इस मामले में वापस स्वास्थ्य विभाग को फोन किया लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि वह जीवित नहीं है और क्योंकि उन्हें जो दवाई दी गई थी ऐसा इसलिए हो रहा है.

हालांकि बाद में महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑकलैंड पुलिस विभाग के विलियम मिलान ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को मृत घोषित करने के लिए तमाम नियमों का पालन किया था इसके लिए उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया था जहां टीम ने उनकी जांच की और उनके मेडिकल डाटा के आधार पर उन्हें मृत घोषित किया गया था. डेट्रोइट फायर डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर डेव फोरनेल ने कहा, "हम इस पर विश्वास नहीं कर सकते, उसकी हृदय गति 80 थी."


इस मामले में लड़की की मां ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से कंफर्म किया था कि क्या उनकी बेटी सच में नहीं रही इसके जवाब में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी ने कहा था बिल्कुल हम 100% कंफर्म है आपकी बेटी नहीं रही. लेकिन फिर उन्हें बाद में फ्यूनरल से फोन आया कि आपकी बेटी जिंदा है और उसे वापस अस्पताल लेकर जाया जा रहा है. लड़की की मां ने बताया कि अभी तक उनका सबसे भयावह सपना है. उन्होंने आगे कहा कि जब मुर्दाघर में कर्मी कर्मियों ने बैग खोला तो उनकी बेटी की आंखें खुली थी और वह सांस ले रही थी.

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First published: 26 August 2020, 12:00 IST
 
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