Home » अजब गजब » A shocking accident occurred in 400 year old lake, thousands of lives were lost overnight
 

400 साल पुरानी झील में हुआ था दिल दहलाने वाला हादसा, रातभर में चली गई थी हजारों की जान

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 November 2020, 13:03 IST

Watery Wonders: आए दिन दुनियाभर में प्राकृतिक हादसे होते रहते हैं. एक ऐसा ही हादसा करीब 34 साल दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में पहले हुआ था. जिसने दुनियाभर को हिलाकर रख दिया था. 21 अगस्त 1986 को ये हादसा हुआ थाहादसे में रातों-रात हजारों लोगों की मौत हो गई थीइन लोगों की मौत का दोषी न्योस झील को माना जाता है

इस खौफनाक हादसे के बाद से झील को 'द बैड लेकके नाम से जाना जाने लगा. हादसे के बाद लोगों में मान्यता फैल गई कि झील में बुरी आत्माएं निवास करती हैं. यह आत्माएं हमेशा किसी न किसी को अपना शिकार बनाने की तलाश में रहती हैं. लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है इस बारे में आजतक कोई पता नहीं चल पाया.

इस झील में साल 1986 में 1746 लोग मौत के मुंह में समा गए. इसके बाद से न्योस झील को लेकर लोगों के मन में अजीब सा डर बैठा हुआ है. हालांकि वैज्ञानिकों ने इस तबाही की वजह कुछ और बताया था. वैज्ञानिकों का कहना है कि न्योस झील ज्वालामुखी के क्रेटर पर बनी हुई है. इस कारण  इसमें कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा पाई जाती है.

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गैस रिलीज होने के बजाए, यह झील में बढ़ती चली गई और धीरे-धीरे झील का पानी बम का गोला बन गया. एक रिपोर्ट के मुताबिकझील के एक गैलन पानी में पांच गैलन कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद था. 21 अगस्त 1986 को झील के पानी में विस्फ़ोट हुआ था. इस विस्फोट से झील का पानी 300 फ़ीट तक ऊपर आया.

इस पानी के ऊपर आने से गैस झील के अंदर से निकल कर हवा में फैल गई. इसके कारण महज 20 सेकेंड के अंदर गैस के कारण 1746 जिंदा लोग कंकाल में तब्दील हो गए. इसके अलावा साढ़े तीन हजार जानवरों की जान भी इस गैस ने ले ली. थोड़ी ही देर में ये झील नीले रंग से लाल रंग में बदल गई. झील को 400 साल से भी ज्यादा पुरानी बताया जाता है.

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First published: 17 November 2020, 12:30 IST
 
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