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इस रंग-बिरंगे रैनबो माउंटेन पर मंडरा रहा खतरा, हैरान कर देने वाली हैं इसकी खूबियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 November 2018, 14:38 IST

दुनियाभर में लोग पहाड़ों पर घूमना पसंद करते हैं. क्योंकि इनकी खूबसूरत लोगों का मन मोह लेती है. ऐसा ही एक पहाड़ है पेरू में. जो रैनबो माउंटेन के नाम से मशहूर है. ये पहाड़ अपनी रंग-बिरंगी छटा के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. लेकिन ये पहाड़ अब अपना अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे हैं.वैसे इन पहाड़ों पर साल के हर महीने पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है.

बता दें कि इस पहाड़ पर करीब पांच साल पहले लोगों की नजर पड़ी. इस पहाड़ की खूबसूरती की वजह से ही इस पर्वत का नाम रेनबो माउंटेन रखा गया. ये पहाड़ 17 हजार फुट ऊंचाई का है. इसकी सबसे ऊंची चोटी की तमाम खासियत भी हैं. क्योंकि ये बारिश के दिनों में इस पर्वत पर आसमान में दिखने वाले इंद्रधनुष के कई रंग एक साथ दिखते हैं. ये पूरी पर्वत श्रृंखला इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह दिखाई देती है. सूर्य की रोशनी में ये सात रंग साफ ताैर पर देखे जा सकते हैं.

बता दें कि पेरू में 17 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित मोन्टाना डि सिएट कोलर्स है. यह पर्वतमाला कुस्को क्षेत्र में एंडीज पर्वतमाला में है. लोग इसे रेनबो माउंटेन भी कहते हैं. साल में करीब आठ महीने ये पहाड़ इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह दिखाई देते हैं.

ऐसा माना जाता है कि हजारों साल पहले पहाड़ों का रंग सामान्य था, लेकिन पत्‍थरों के क्षरण की वजह से पहाड़ों की ऊपरी मिट्टी बह गई और इनके अलग-अलग रंग सामने आए. लाल, पीला, हरा, और बैंगनी रंगों की आभा इस पर्वत पर स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है.

लेकिन अब इस पहाड़ पर खतरा मंडराने लगा है. इस पर खतरा मंडराने की वजह यहां पर्यटकों का पहुंचना है. क्योंकि हर साल दुनियाभर से करीब चार लाख पर्यटक यहां पहुंचते हैं. पर्यटकों का यही प्रेम अब इस पर्वत के लिए खतरा बन गया है. पर्यटकाें द्वारा छोड़ा गए अपशिष्‍ट इस पहाड़ को धीरे-धीरे क्षति पहुंचा रहे हैं.

इस पर्वत के सात रंग लोगों के लिए अभी भी एक पहेली से कम नहीं है. वैज्ञानिकों का दावा है कि पर्वत की इंद्रधनुषी छटा यहां प्रचुर मात्रा में मौजूद खनिज तत्वों की वजह से बनती है.

पर्वत का लाल रंग आयरन ऑक्साइड, पीला आयरन सल्फाइड, हरा या नीला क्लोराइट की वजह से है. इस पहाड़ के कई रंगों में पाये जाने के पीछे बर्फ का पिघलना और उसके जल में घुलने वाले खनिजों के निक्षेप से हुआ है.

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First published: 27 November 2018, 14:08 IST
 
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