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इन देशों में कुंवारे लोगों को देना पड़ता था टैक्स, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान...

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 December 2018, 15:57 IST

किसी भी देश में सरकारें अपनी आय के लिए नागरिकों पर टैक्स लगाती हैं. सरकारें इसी टैक्स के माध्यम से देश में कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराती हैं. अलग-अलग देश में सरकारें अलग तरह से टैक्स को निर्धारित करती हैं. लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां पर अजीबो गरीब टैक्स जनता पर लगाए गए हैं. ऐसा ही एक टैक्स है बैचलर टैक्स, कुछ देशों में कुंवारे लोगों पर सरकार ने टैक्स लगाया था. जिसे चुकाना अनिवार्य था.

1821 में अमेरिका के मिसूरी राज्य में कुंवारें लोगों पर सरकार ने टैक्स लगाया था. इस टैक्स के तहत राज्य के कुंवारें लोगों को सरकार को टैक्स के रूप में 1 डॉलर का भुगतान करना होता था. ऐसा कहा जाता है कि उस समाय इस टैक्स को लगाने के पीछे कारण था कि लोगों को शादी एक लिए प्र्रमोट किया जा सके.

रोम में भी लगता था ये टैक्स

9वीं सदी में रोम में तत्कालीन सम्राट ऑगस्ट्स ने जनता पर बैचलर टैक्स लगाया था. यह बैचलर टैक्स कुंवारों और उन विवाहित दंपतियों से वसूला जाता था जो कि निसंतान थे. ऐसा करने के पीछे ये उद्देश्य था कि लोग बच्चे पैदा करें. हालांकि इस टैक्स के बाद से राज्य को राजस्व में काफी फायदा भी हुआ था.

मुसोलिनी ने भी इटली में 1927 में बैचलर टैक्स लगाया था. इससे पैसा भी इकट्ठा किया गया और साथ ही लोगों को शादी करने के लिए प्रेरित किया गया.

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इंग्लैंड ने भी वसूला ये टैक्स
1695 के वक़्त जब इंग्लैंड और फ्रांस के बीच युद्ध चल रहा था, तब ये टैक्स लगाया गया. सरकारी खजाने में इजाफा करने के लिए ये टैक्स काफी फायदेमंद साबित हुआ. वहीं 1934 में कैलिफॉर्निया में भी ये टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा गया. 25 डॉलर के बैचलर टैक्स लगाने के पीछे सरकार की मंशा गिरती जनसंख्या को कण्ट्रोल करना था लेकिन ये टैक्स उस समय लागू नहीं हो पाया था.

First published: 21 December 2018, 14:43 IST
 
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