Home » अजब गजब » Bengaluru man traveled more than 15000 KM without honking even once
 

इस शख्स ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, बिना हॉर्न बजाए तय की 15 हजार किलोमीटर की दूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2019, 13:14 IST

क्या आप बिना गाड़ी का हॉर्न बजाए सफर कर सकते हैं. आपका पास इसका जवाब ना में होगा. यकीनन आप बिना गाड़ी का हॉर्न बजाए कुछ किलोमीटर भी सफर नहीं कर सकते. लेकिन बेंगलूरू के रहने वाले भारती अथिनारायणन ने बिना हॉर्न बजाए एक दो किलोमीटर नहीं बल्कि पूरे 15000 किलोमीटर की दूरी तय कर ली. भारती के इस कारनामे की हर कोई तारीफ कर रहा है.

दरअसल, बेंगलुरु मिरर ने साल 2016 के जुलाई महीने में लोगों को हॉर्न न बजाने के लिए जागरूक करने के लिए एक अभियान शुरु किया था. उसके बाद भारती अथिनारायणन ने इसे फॉलो करना शुरु कर दिया. उसके बाद वह दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन गए. भारती सबसे पहले साल 2016 में कोयम्बटूर के पास अपने पैतृक गांव अपनी गाड़ी से गए, इस दौरान उन्होंने एक भी बार हॉर्न नहीं बजाया. उसके बाद वह वहां से नाव की दौड़ देखने केरल चले गए. इस दौरान भी भारती ने एक बार भी हॉर्न नहीं बजाया.

अपने इस रिकॉर्ड को बनाने के बाद भारती अथिनारायणन अब लोगों को हॉर्न ना बजाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. भारती भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर कारों और दोपहिया वाहनों में नो हॉर्न का स्टिकर लगाकर उनसे आग्रह करते हैं कि वो हॉर्न न बजाएं. बता दें कि ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए कई संगठन विभिन्न तरह के अभियान चला रहे हैं.

कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि ध्वनि का स्तर 84 डेसिबल (डीबी) से अधिक नहीं होना चाहिए. हालांकि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में ध्वनि का स्तर 135 डेसिबल से ज्यादा पाया गया. अधिकारियों का कहना है कि 90 डीबी से ज्यादा सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और 120 डीबी पर कोई व्यक्ति पूरी तरह से बहरा हो सकता है.

भारती अथिनारायणन अमेरिकन टेलिफोन ऐंड टेलिग्राफ कंपनी में प्रिंसिपल इंजिनियर के तौर पर काम करते हैं. जो पिछले दो साल से नो हॉकिंग नियम का पालन कर रहे हैं. साथ ही दूसरे लोगों को भी वह इस तरह का संदेश दे रहे हैं. उन्होंने पिछले साल से स्टिकर वितरण का अभियान शुरू किया था.

अथिनारायणन बताते हैं कि, "मैंने 40 स्टिकर छपवाए और अपने दोस्तों और यात्रियों को वितरित किए. क्योंकि मैं एचएसआर लेआउट में रहता हूं, इसलिए मैंने ट्रैफिक सिग्नल पर यात्रियों को 'नो हॉन्किंग' स्टिकर वितरित किए. लोगों को लगा कि मैं यातायात पुलिस विभाग से हूं. मैंने लोगों को बताया कि हॉर्न न बजाना क्यों जरूरी है. लोग अपने वाहनों पर स्टिकर लगवाकर खुश होते और मुझसे वादा करते कि वे इस नियम का पालन करेंगे. मुझे खुशी है कि मैं समाज में कुछ बदलाव लाने में सक्षम हूं.”

बर्थडे के दौरान शेर के मुंह पर केक लगा रहा था ये शख्स, वीडियो में देखें फिर हुआ क्या

First published: 10 June 2019, 13:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी