Home » अजब गजब » China’s Kung Fu Village Ganxi Dong Where Everyone Is A Master In Kung Fu
 

इस गांव का बच्चा भी दे सकता है बड़े से बड़े योद्धा को मात, हर किसी की रग में बसा है कुंग-फू

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 October 2018, 15:01 IST

सेल्फ डिफेंस की कला हर इंसान को आनी चाहिए. जिससे वो जरूरत पड़ने पर दुश्मन से अपना बचाव कर सके. दुनियाभर में कुंग-फू को एक ऐसी कला माना जाता है. जिससे इंसान अपने साथ दूसरों को भी सुरक्षित रख सकता है. चीन में कुंग-फू के जानकारों की कमी नहीं है. यहां एक गांव तो पूरा का पूरा कुंग-फू का मास्टर माना जाता है. बताया जाता है कि इस गांव का दस साल का बच्चा भी किसी बड़े योद्धा को मात दे सकता है.

मध्य चीन के तियांजहू में एक गांव के लोग हर दिन मार्शल आर्ट का अभ्यास करते हैं. इस गांव में नौकरीपेशा हो या रेहड़ी लगाने वाला सब कुंग-फू में पूरी तरह से निपुण हैं. यहां विभिन्न कुंग फू शैलियों को सिखाया और इस्तेमाल किया जाता है और लोग अपने कौशल को बेहतर बनाने के लिए एक-दूसरे से लड़ते हैं. कुंग-फू की असामान्य परंपरा ने गांव को प्रसिद्ध बना दिया है.

चीन के गुइज़हौ प्रांत के इस गांव का नाम गैंक्सी डॉन्ग है. यह डॉन्ग लोगों का गांव है जो चीन में 56 मान्यता प्राप्त जातीय अल्पसंख्यकों में से एक हैं. 150 साल पहले एक शाओलिन भिक्षु के यहां आने के बाद यह परंपरा शुरू हुई. गैंक्सी डॉन्ग की आबादी करीब 8000 है. इस गांव का कुंग-फू इतना प्रसिद्ध है कि इसे कुंग-फू गांव के नाम से जाना जाने लगा है.

ऐसा कहा जाता है कि 150 साल पहले शाओलिन भिक्षु तांग लाओशुन के यहां आने के बाद यहां के लोगों ने कुंग-फू का अभ्यास करना शुरू किया. उस दौरान राजा की सेनाओं से बचने के लिए तांग को शाओलिन टेंपल में छिपना पड़ा था. गैंक्सी के मशहूर कुंग-फू मास्टर 88 वर्षीय झोंग मोलिन कहते हैं कि तांग को पहले स्थानीय लोगों ने काफी परेशान किया और उनकी जान लेने की कोशिश की. लेकिन अपने मार्शल आर्ट से उन्होंने लोगों को न सिर्फ हराया बल्कि उन्हें हैरान भी कर दिया.

एक बार तांग ने उन पर फेंके जाने वाले पत्थरों को पकड़ने के लिए अपनी चॉपस्टिक्स की का इस्तेमाल किया. निहत्थे तांग ने गांव के सबसे अच्छे कुंग फू योद्धा को भी हराया जो लंबी छड़ी लेकर आया था.

तांग की काबिलियत से प्रभावित होकर गैंक्सी के निवासियों ने उनसे कुंग-फू सीखने का फैसला किया और परंपरा आज तक चली आ रही है. झोंग छठे पीढ़ी के कुंग फू वंशज हैं और गांव में कुंग-फू की क्लास चलाते हैं. वह वहां के शाओलिन टेंपल में क्लास लेते हैं. हालांकि लोग अपने घरों, अपने खेत या सड़क के स्टॉल पर भी कुंग-फू का अभ्यास करते हैं.

ये भी पढ़ें- जीती जागती 'बार्बी डॉल' है ये लड़की, खूबसूरती की वजह से घर निकलना हो गया है मुश्किल

First published: 4 October 2018, 14:57 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी