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इस आइलैंड पर जाने वाला आज तक नहीं लौटा वापस, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 January 2018, 18:08 IST

 आज हम बिना बिजली के रहने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. लेकिन दुनिया में ऐसे कई स्थान हैं जहां ना तो बिजली है और ना ही मोबाइल फोन. इतना ही नहीं यहां के रहने वाले इन चीजों के बारे में जानते तक नहीं. इन लोगों का बाहरी दुनिया से कोई संबंध नहीं है. इसीलिए ये लोग यहां पहुंचने वाले हर शख्स पर हमला कर देते हैं.

 

हम बात कर रहे हैं इंडियन ओशन के नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड में रहने वाली जनजाति सेंटिनलीज की. सेंटिनलीज जनताति का आधुनिक मानव सभ्यता से कोई लेना-देना नहीं है. कई बार इसको आधुनिक समाज से जोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन इस जनजाति के लोग इतने ज्यादा आक्रामक हैं कि वे किसी को अपने पास आने ही नहीं देते.

यहां आने वालों की कर देते हैं हत्या-

कई बार लोगों ने उन तक पहुंचने की कोशिश की तो इन लोगों ने उन्हें मार डाला. बताया जाता है कि एक भागा हुआ कैदी गलती से इस आइलैंड पर पहुंचा तो इन आदिवासियों ने उसे भी मार दिया. सन् 1981 में एक भटकी हुई नौका इस आइलैंड के करीब पहुंच गई थी. नौका में बैठे लोगों ने बताया था कि कुछ लोग किनारों पर तीर-कमान और भाले लेकर खड़े थे. लेकिन किसी तरह हम वहां से बचकर निकलने में सफल रहे.

हेलिकॉप्टर पर किया था हमला-

2004 में आए भूकंप और सुनामी के बाद भारत सरकार ने इस आइलैंड की खबर लेने के लिए सेना का एक हेलिकॉप्टर भेजा था. लेकिन यहां के लोगों ने उस पर भी हमला कर दिया. हवाई तस्वीरों से यह साफ होता है कि ये जनजाति खेती नहीं करती, क्योंकि इस पूरे इलाके में अब भी घने जंगल हैं. इससे यह बात साफ होती है कि यह जनजाति आज भी शिकार पर निर्भर है.

60 हजार साल से रह रहे हैं ये आदिवासी-

डेलीमेल की एक खबर के मुताबिक करीब 60 हजार साल से ये लोग यहां रह रहे हैं और इन लोगों का किसी से कोई संबंध नहीं है. और जो भी उनसे मिला है इन लोगों ने हमला ही किया है. यहां से जो भी प्लेन या फिर हेलिकॉप्टर गुजरता है उन पर ये लोग तीरों में आग लगाकर मारती है. इन पर यूट्यूब पर एक छोटी सी डॉक्यूमेंट्री है. जिस पर 2 मिलियन व्यूज आए थे. जहां पर उनकी थोड़ी-बहुत जानकारी है.

First published: 26 January 2018, 18:08 IST
 
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