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अमेरिका की आर्थिक मंदी के दौरान महज 65 रुपये में बिका था ये आलाशीन घर

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2018, 12:13 IST

अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर और धनी देश माना जाता है. लेकिन कई बार अमेरिका जैसे देशों में भी आर्थिक हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि करोड़ों रुपये के आलीशान घर लोगों को चंद रुपयों में बेचकर जाना पड़ता है. ऐसा ही कुछ हुआ था अमेरिकी शहर डेट्रायड के साथ. जहां आई आर्थिक तंगी ने शहर के कारोबार को चौपट कर के रख दिया और लोग यहां से पलायन करने लगे. किसी जमाने में अमेरिका का ये शहर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का किंग कहा जाता था. लेकिन कुछ साल पहले ये शहर दिवालिया हो गया.

अमेरिका में 2010 के दशक में आई मंदी ने डेट्रायड शहर की आर्थिक स्थित खराब कर दी. जिससे इस शहर की इंडस्ट्री कि कमर तोड़कर रख दी. यह शहर फिर कभी खड़ा नहीं हो पाया. हालात इस कदर बिगड़े कि यहां के अधिकांश ऑटोमोबाइल कारखाने बंद हो गए और जो कुछ एक चालू रह गए. उनमें उत्पादन केवल नाम मात्र का रह गया. इसका सबसे बुरा असर यहां के रियल एस्टेट के कारोबार पर पड़ा. जो मकान लोगों ने पहले लाखों–करोडों रूपए में खरीदे थे, उन्हें हजारों रुपयों में बेचना पड़ा.

बताया जाता है कि एक शख्स ने परेशान होकर ईबे पर अपना घर मात्र एक 1 डॉलर यानी करीब 65 रुपये में बेच दिया. ये मकान कोई छोटा मोटा मकान नहीं था बल्कि ये 3484 वर्ग फीट में बना हुआ था. इस घर का नाम सेंट क्लेयर एसटी है.

अमेरिका के डेट्रायट में बने इस मकान की कीमत करीब 65 रुपए थी. जो कुल 3484 वर्गफीट में बने इस घर में 2248 वर्गफीट का बिल्ड-अप एरिया था. इकोनॉमिक क्राइसेस के चलते इस मकान को 1 डॉलर में बेच दिया गया था.

वहीं फ्लेमिंग एसटी नाम के एक आलीशान घर को करीब 4550 रुपए में बेचना पड़ा था. जो 3049 वर्ग फीट में बना हुआ था. इस मकान में एक फ्लोर एरिया 832 वर्ग फीट में बना था. इकोनॉमिक क्राइसेस से पहले तक तो इस घर की कीमत 32555 डॉलर थी लेकिन उसके बाद इस मकान को मात्र 70 डॉलर में बेचना पड़ा था. पेटोसकी एवेन्यु नाम के ये घर ड्रेटाइट का तीसरा सबसे सस्ते मकान था. जिसकी कीमत मात्र 6500 रुपए रह गई.

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First published: 4 August 2018, 12:14 IST
 
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