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दीपावली विशेष: उल्लू है जहां, लक्ष्मी हैं वहां

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 October 2016, 11:33 IST
(एजेंसी)

भारतीय संस्कृति में उल्लू को बहुत महत्व दिया गया है, क्योंकि यह पक्षी देवी लक्ष्मी का वाहन है. उल्लू को किसी भी धर्म ग्रंथ में मूर्ख नहीं माना गया है यानी उल्लू, उल्लू नहीं है.

इस संबंध में लिंगपुराण में बताया गया है कि नारद मुनि ने मानसरोवरवासी उलूक से संगीत शिक्षा ग्रहण करने के लिए उपदेश लिया था.

इसके अलावा वाल्मीकि रामायण में लिखा है कि उल्लू मुर्ख नहीं, बल्कि अत्यधिक चतुर पक्षी है. इसका उदहारण है कि राम जब रावण को मारने में सफल नहीं हो पाते, उसी समय उनके पास रावण का भाई विभीषण आता है, तब सुग्रीव राम से कहते हैं कि उन्हें शत्रु की उलूक-चतुराई से बचकर रहना चाहिए.

इस उलूक की हू हू हू सांगीतिक स्वरों में निकलती थी. हिन्दू धर्म में उल्लू को पवित्र पक्षी माना गया है. हिन्दू धर्म में उल्लू को धन का प्रतीक माना गया है. लोग उल्लू से इसलिए डरते हैं क्योंकि वो दिखने में डरावना होता है, वहीं कुछ लोग मूर्खता का उदाहरण देने के लिए दूसरों को 'उल्लू' की संज्ञा देते हैं.

हिंदू धर्मशात्रों के मुताबिक उल्लू को भूत, भविष्य और वर्तमान की सभी घटनाओं का पहले से ही ज्ञान हो जाता है. उल्लू में कुछ ख़ास बातें और भी हैं, जैसे कि ये अपने पंखों की आवाज़ किए बिना मीलों तक का सफ़र तय कर सकता है.

इसके साथ ही उल्लू को रात्रि के समय भी दूर-दूर तक दिखाई देता है. इसके अलावा उल्लू रात को जगता है और दिन के समय सोता है और सबसे खास बात उल्लू में यह होती है कि वो बिना पीछे मुड़े, अपना सिर पीछे घुमाकर पीछे का भी देख सकता है.

शास्त्रों के अनुसार जब लक्ष्मी एकांत, सूने स्थान, अंधेरे, खंडहर, पाताल लोक आदि स्थानों पर जाती हैं, तब वह उल्लू पर सवार होती हैं. तब उन्हें उलूक वाहिनी कहा जाता है.

उल्लू पर विराजमान लक्ष्मी अप्रत्यक्ष धन अर्थात काला धन कमाने वाले व्यक्तियों के घरों में उल्लू पर सवार होकर जाती हैं.

लक्ष्मी मूलतः शुक्र ग्रह की अधिष्ठात्री देवी हैं और लक्ष्मी जी की हर सवारी गरुड़, हाथी, सिंह और उल्लू सभी राहु घर को संबोधित करते हैं.

तंत्र शास्त्र के अनुसार लक्ष्मी वाहन उल्लू रहस्यमयी शक्तियों का स्वामी है. प्राचीन ग्रीक में उल्लू को सौभाग्य और धन का सूचक माना जाता था. यूरोप में उल्लू को काले जादू का प्रतीक माना जाता है. भारत में उल्लूक तंत्र सर्वाधिक प्रचलित है.

चीनी वास्तु शास्त्र फेंगशुई में उल्लू को सौभाग्य और सुरक्षा का भी पर्याय माना जाता है. जापानी लोग उल्लू को कठिनाइयों से बचाव करने वाला मानते हैं. उल्लू को निशाचर यानी रात का प्राणी माना जाता है.

First published: 29 October 2016, 11:33 IST
 
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