Home » अजब गजब » Drunk British officer arrested Banyan tree for 121 ago it’s still held in chain in Pakistan
 

नशे में धुत अंगरेज अधिकारी ने जंजीरों में कैद कराया था बरगद का पेड़, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 August 2019, 13:11 IST

ब्रिटिश काल में अंग्रेज भारतीयों पर ही जुल्म नहीं ढाया करते थे, बल्कि एक बार तो एक ब्रिटिश अधिकारी ने एक पेड़ को ही सजा दिलवा दी थी. जिसकी सजा एक बरगद का पेड़ आज भी भुगत रहा हैबात करीब 121 साल पुरानी है. एक अंग्रेज अधिकारी ने बरगद के एक पेड़ को जंजीरों में कैद करने का आदेश दे दिया. अंग्रेज अधिकारी के आदेश के बाद बरगद के पेड़ को जंजीरों में कैद कर दिया गया. उसके बाद 121 साल होने के बाद भी ये सजा जारी है. इतने सालों बाद भी इस पेड़ को आज भी नहीं खोला गया है.

मामला साल 1898 का है. जब पाकिस्तान भी भारत का ही हिस्सा होता था. पूरे हिंदुस्तान पर अंग्रेजों का शासन था. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह स्थित लंडी कोटल आर्मी कैंटोनमेंट में तैनात एक ब्रिटिश अफसर जेम्स स्क्विड ने एक दिन जमकर शराब पी रखी थी. नशे में धुत होकर वह पार्क में घूम रहा था. अचानक अधिकारी को लगा कि पेड़ उनकी तरफ आ रहा है और वह हमला कर उनकी जान ले लेगा.

फिर क्या था ब्रिटिश अधिकारी ने तुरंत मैस के सार्जेंट को ऑर्डर दिए कि पेड़ को अरेस्ट कर लिया जाए. इसके बाद वहां तैनात सिपाहियों ने पेड़ को जंजीरों में कैद कर दिया. बताया जाता है कि हालांकि अफसर को गलती का अहसास हो गया था, लेकिन उन्होंने पेड़ की जंजीरें नहीं खोलने दी. वह लोगों को बताना चाहते थे कि अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जाने पर उनका भी यही हश्र होगा.

इस पेड़ के ऊपर एक तख्ती भी लगी हुई है जिसके ऊपर लिखा है ‘आई एम अंडर अरेस्ट.’ इतने सालों बाद भी आज यह पेड़ कैद में है और चारों और चर्चा का विषय है. देश और दुनिया से लोग इसे देखने भी आते हैं जो अंग्रेजों के काले कानून की याद दिलाता है. ऐसा माना जाता है कि यह दुनिया की सबसे लंबी कैद है जो सिर्फ शक के आधार पर दी गई. और कोई सुनवाई भी नहीं हुई.

बता दें कि बंदी पेड़ ब्रिटिश राज के काले कानूनों के उदाहरणों में से एक है. द ब्रिटिश राज क्राइम्स रेगुलेशन ड्रेकोनियन फ्रंटियर क्राइम रेगुलेशन कानून की क्रूरता को दर्शाता है. यह कानून ब्रिटिश शासन के दौरान पश्तून विरोध का मुकाबला करने के लिए लागू किया था. जिसके तहत तब ब्रिटिश सरकार को अधिकार था कि वह पश्तून जनजाति में किसी व्यक्ति या परिवार के द्वारा अपराध करने या शक होने पर उसे सीधे दंडित कर सकते थे.

चांद पर नहीं मिटते इंसानों के पैरों के निशान, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

First published: 19 August 2019, 13:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी