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बाज और उल्लू करते हैं इस देश के राष्ट्रपति की सुरक्षा, जानिए क्या है वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 April 2019, 13:12 IST

दुनिया के हर देश के राष्ट्रपति भवन या प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा में ट्रेंड कमांडो या फिर आर्मी के जवान लगे होतें, लेकिन दुनिया में एक ऐसा भी देश है जहां के राष्ट्रपति भवन हो या प्रधानमंत्री आवास हर जगह सेना के जवान और ट्रेंड कमांडो दिखाई नहीं देंगे, बल्कि आपको यहां सुुरक्षा करते हुए बाज और उल्लू दिखाई देंगे. अब आप सो रहे होंगे कि ऐसा भी होता है तो क्यों होता. तो चलिए अब आपको बतातें हैं कि ऐसे किस देश में होता है.

दरअसल, रूस में राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन और उसके आसपास मौजूद प्रमुख सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए देश के रक्षा विभाग ने बाज और उल्लुओं की एक टीम बनाई थी. इस टीम का गठन साल 1984 में किया गया था. फिलहाल इस टीम में 10 से ज्यादा बाज और उल्लू हैं.इन बाजों और उल्लुओं को सुरक्षा के लिहाज से खास तरह की ट्रेनिंग दी गई है.

खबरों के मुताबिक, कौओं से राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिए इन बाजों और उल्लुओं को तैनात किया गया है. क्योंकि कौएं अक्सर आकर राष्ट्रपति भवन और उसके आसपास के इलाके में मल-मूत्र कर देते हैं. इन इमारतों की सुरक्षा के लिए ही इऩ शिकारी जानवरों को लगाया गया है. बता दें कि ये पक्षी संघीय गार्ड सेवा का हिस्सा हैं.

राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में तैनात परिंदों की टीम में 20 साल की एक मादा बाज 'अल्फा' और 'फाइल्या' नाम का उल्लू है. ये दोनों इतने तेज है कि राष्ट्रपति भवन के आसपास कौओं की आवाज सुन कर ही आसमान में मंडराने लगते हैं और पलभर में ही कौओं को अपना शिकार बना लेते हैं.

क्रेमलिन और उसके आसपास की इमारतों की देखरेख करने वाले पावेल माल्कोव का कहना है कि सोवियत संघ के शुरुआती दौर में इन इमारतों की सुरक्षा के लिए कौओं को मार गिराने वाले गार्ड रखे गए थे. साथ ही उन्हें डराने के लिए शिकारी परिदों की आवाज रिकॉर्ड कर उसका इस्तेमाल किया जाता था.

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First published: 6 April 2019, 13:12 IST
 
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