Home » अजब गजब » Eugene Shoemaker Ashes Buried on Moon
 

ये है दुनिया का एकमात्र इंसान जिसकी अस्थियों को दफनाया गया चांद पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 December 2019, 21:02 IST

चांद पर आखिर क्या है, क्या वहां पृथ्वी की तरह जीवन पनप सकता है, आखिर चांद पर कोई जीव रहता है या नहीं ऐसे ही और उनेक सवाल है जिनका जवाब हम अभी भी नहीं जानते. द्वितिय विश्व युद्ध(World War II) के बाद सोवियत संघ और अमेरिका के बीच चांद पर पहुंचने की एक रेस शुरू हुई. उसके बाद से आज तक चांद की कक्षा में कई देशों ने अपने उपग्रह(Orbit) भेजे है, कई देशों ने चांद(Moon) पर अपने उपग्रह भेजे है वहीं अमेरिकी की स्पेश एंजेसी नासा(NASA) चांद पर इसांन को भेजने में भी सफल हो पाई है. हालांकि आज तक सिर्फ एक व्यक्ति के अलावा किसी और व्यक्ति के अवशेषों को चांद पर नहीं पहुंचाया गया है. जिस व्यक्ति के अवशेषों को चांद पर पहुंचाया गया है उसका नाम यूजीन मर्ले शूमेकर(Eugene Shoemaker).

अमेरिकी वैज्ञानिक यूजीन मर्ले शूमेकर को जन्म साल 28 अप्रैल, 1928 को हुआ है. यूजीन को 20वी शदी का सबसे महान वैज्ञानिक भी कहा जाता है. यूजीन के योगदान के लिए उन्हें साल 1992 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू बुश(George H. W. Bush) द्वारा विज्ञान के राष्ट्रीय पदक से सम्मानित किया गया था. यूजीन मर्ले शूमेकर ने कई अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष के हिसाब से अपने आपको ढ़ालने और वहां पर जाने के लिए प्रशिक्षित किया है.

यूजीन को संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के खगोल भूविज्ञान अनुसंधान कार्यक्रम के पहले निदेशक होने का गौरव भी प्राप्त था. बतौर खोजकर्ता उनका पहला मिशन यूटा और कोलोराडो में यूरेनियम के भंडारों की खोज करना था. इसके बाद उन्होंने ज्वालामुखी प्रक्रियाओं का अध्ययन किया.

यूजीन मर्ले शूमेकर का नाम उन लोगों में भी शुमार हैं जिन्होंने इस बात का पता लगाया था कि आखिर 12 किलोमीटर का एक उल्कापिंड जो धरती से टकराया था वो कहां गिरा था. दरअसल, वैज्ञानिकों का मानना है हजारों साल पहले अंतरिक्ष से एक उल्कपिंड धरती से टकराया था जिसने पृथ्वी पर तबाही मचाई थी. इसी तबाही में डायनासोर के साथ साथ 80 फीसदी से अधिक जीव खत्म हो गए थे. माना जाता है कि मेक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप से उल्कापिंड टकराया था.

18 जुलाई 1997 को एक कार दुर्घटना में इस वैज्ञानिक की मौत हो गई. इस हादसे में यूजीन मर्ले शूमेकर की पत्नी कैरोलीन जीन स्पेलमैन शूमेकर भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं. कैरोलीन जीन भी एक खगोलशास्त्री हैं और फिलहाल उनकी उम्र 90 वर्ष की है. कई अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष पर जाने की ट्रैनिंग देने वाले यूजीन मर्ले शूमेकर का सपना था कि वो भी चांद पर जाए. हालांकि वो जिंदा रहते हुए कभी अपना ये सपना पूरा नहीं कर पाए लेकिन नासा ने साल 1997 में उनकी मृत्यु के दो साल बाद 31 जुलाई 1999 को उनकी अस्थियों को चांद पर दफना दिया.

28 साल से बस मिट्टी खाकर जिंदा है यह आदमी, डॉक्टर भी हैं हैरान

First published: 27 December 2019, 19:14 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी