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चांद पर नहीं मिटते इंसानों के पैरों के निशान, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2019, 15:35 IST

भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो का मिशन चंद्रयान-2 तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता जा रहा है. चंद्रयान-2 को इसरो ने श्री हरि कोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 22 जुलाई को लॉन्च किया था. जो 6-7 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर उतरेगा. जहां वह चंद्रमा के कई रहस्यों के बारे में जानकारी जुटाएगा. ऐसे में हम आपको चंद्रमा से जुढ़े कुछ रहस्यों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं.

अब से करीब 47 साल पहले अमेरिका ने चांद पर इंसान को भेजा था, नील आर्मस्ट्रांग दुनिया के पहले ऐसे इंसान थे जिसने चांद पर कदम रखे थे. उसके बाद अंतरिक्ष यात्री यूजीन सेरनन ने चांद पर कदम रखे. उसके बाद आजतक कोई इंसान चांद पर नहीं पहुंच सका. ये बात साल 1972 की है जब इंसान ने चांद पर अपने कदमों के निशा छोड़े. आपको जानकर हैरानी होगी कि इतने साल बीत जाने के बाद भी उनके पैरों के निशान चांद पर आज भी मौजूद है. जिसके पीछे एक गहरा रहस्य छिपा हुआ है.

हम ये जानते हैं कि चांद पृथ्वी का इकलौता प्राकृतिक ग्रह है. इसके निर्माण के पीछे भी एक अनोखी कहानी है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आज से करीब 450 करोड़ साल पहले एक उल्का पिंड पृथ्वी से टकराया था, जिसकी वजह से पृथ्वी का एक हिस्सा टूट कर अलग हो गया. यही हिस्सा बाद में चांद बनकर पृथ्वी के चक्कर काटने लगा.

वैज्ञानिकों के मुताबिक, चंद्रमा का सिर्फ 59 फीसदी हिस्सा ही पृथ्वी से दिखाई देता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर चांद अंतरिक्ष से गायब हो जाए तो पृथ्वी पर केवल छह घंटे का दिन होगावैज्ञानिकों के मुताबिक, चांद पर जहां सूरज की किरणें पड़ती हैं वहां का तापमान 180 डिग्री सेल्सियस ततक पहुंच जाता है. वहीं जहां अंधेरा रहता है वहां का तापमान -153 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है.

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मार्क रॉबिन्सन बताते हैं कि, "चंद्रमा मिट्टी की चट्टानों और धूल की एक परत से ढंका हुआ है. इस परत में मिट्टी के कण मिश्रित होते हैं. इसलिए चांद की सतह पर से पैर के हट जाने के बाद भी पैरों के निशान बने रहते हैं." मार्क रॉबिन्सन का कहना है कि चंद्रमा पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के पैर के निशान लाखों सालों तक वैसे ही रहेंगे, क्योंकि चांद पर वायुमंडल नहीं है.

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First published: 17 August 2019, 15:12 IST
 
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