Home » अजब गजब » Free From Jail after 14 years murdered completed his MBBS
 

साल 2002 में खून के जुर्म में गया था जेल, बाहर आया पूरी की पढ़ाई और बना डॉक्टर

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 February 2020, 18:08 IST

साल 2002 की बात है, एक मेडिकल छात्र ने अपने प्रेमी के पति की हत्या की जिसके कत्ल के जुर्म में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई लेकिन 14 साल बाद ही उसे जेल में उसके अच्छे आचरण के कारण रिहा कर दिया गया. जेल से वापस आने के बाद उसने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और शानिवार को वो डॉक्टर बन गया. शानिवार को एक दिक्षांत समारोह में उसे डॉक्टर की डिग्री मिली. यह आपको कई फिल्मी कहानी लगेगी लेकिन यह सच है.

बेंगलुरु से 475 किलोमीटर दूर अफजलपुर तालुक के भसगी गांव के रहने वाले डॉ सुभाष तुकाराम पाटिल (40) को वर्षों तक जेल में नहीं रहना पड़ा. “जब मैं कालाबुरागी में हैदराबाद एजुकेशन सोसाइटी के महादेवप्पा रामपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस का कोर्स कर रहा था तब मुझे जेल हुई थी. मैंने जेल की ओपीडी में काम किया. इस महीने की शुरुआत में उन्होंने एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी की.


डॉ सुभाष तुकाराम पाटिल 15 अगस्त 2016 को जेल से रिहा हुए थे. जेल से निकलने के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करनी चाही और इसके लिए उन्होंने राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से विशेष अनुमति ली. उन्होंने 2016 में अपने पुराने कॉलेज को फिर से ज्वाइन किया और पहले प्रयास में सभी विषयों को पास कर लिया.वह एमआरएमसी से जुड़ी बसवेश्वर अस्पताल में 2019 से अपनी ट्रेनिग कर रहे है.

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा,'मैं समाज, विशेष रूप से कैदियों और सैनिकों के रिश्तेदारों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैंने बहुत समय जेल की लाइब्रेरी में बिताया और पढ़ाई में कभी दिलचस्पी नहीं खोई.'

बता दें, पाटिल जब अपनी पढ़ाई कर रहे थे तब उन्हें एक विवाहित महिला के साथ प्यार हो गया था लेकिन उस महिला ने उन्हें मना कर दिया जिसके बाद उन्होंने उनके पति को गोली मार दी थी. डॉ सुभाष तुकाराम पाटिल शुरूआत में छह साल तक बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में थे बाद में उन्हें कलाबुरागी सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था. जेल में रहते हुए उन्होंने कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय के पत्रकारिता पाठ्यक्रम को भी पूरा किया. एमआरएमसी के डीन उमेशचंद्र ने कहा कि हालांकि पाटिल अपने सहपाठियों से लगभग 14 साल बड़े थे, उन्होंने सफलतापूर्वक पढ़ाई पूरी की.

साल 1987 में शुरू हुआ था इस होटल का निर्माण लेकिन आज तक नहीं हो पाया पूरा

First published: 16 February 2020, 17:56 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी