Home » अजब गजब » Germany and kurdish archaeologists found the roots of the oldest mithi empire?
 

सूखे की चपेट में आई नदी, मिला 3,400 साल पुराना महल, लोगों की फटी की फटी रह गई आंखें

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 June 2019, 12:12 IST
प्रतीकात्मक तस्वीर

मोसुल बांध का जल स्तर भी काफी घट गया है. जल स्तर घटने की वजह से पुरातत्वविदों ने इस नदी के बीच बने टापू पर से करीब साढ़े तीन हजार साल पुराने मितानी साम्राज्य की जड़ें खोज निकाली हैं. सीरिया और मेसोपोटामिया क्षेत्र में इस साम्राज्य का प्रभुत्व रह चुका है.

हम जिस बांध की चर्चा कर रहे हैं वह इराक के टिगरिस नदी पर बना हुआ है. मोसुल बांध इराक का सबसे बड़ा बांध है, इस बांध को सद्दाम बांध भी कहते हैं. इस समय यह नदी भीषण सूखे की चपेट में आ गई है. जर्मन और कुर्दिश पुरातत्व विज्ञानियों की टीम ने जल स्तर कम होने के खोज की, जहां इन्हें 3,400 साल पुराना एक महल मिला है. इस महल को लेकर जर्मनी की ट्यूबिंगन यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि इसका संबंध कहीं ना कहीं रहस्यमयी मितानी साम्राज्य से है.

मितानी साम्राज्य एक ऐसी रहस्यमयी सभ्यता है, जिसके उपर सबसे कम शोध हुआ है. अब तक इस सामाज्य की राजधानी का पता नहीं चल सका है. इस महज से वैज्ञानिकों को प्राचीन मितानी सम्राज्य की व्यवस्था को समझने में मदद मिल सकती है. दुहक पुरातन निदेशालय के कुर्दिश पुरातत्व विज्ञानी हसन अहमद कासिम ने इस शोध को काफी अहम शोध बताया है.

इस महिला ने 300 साल पुराने भूत से की थी शादी, अब ले रही है तलाक, जानें क्या है पूरा माजरा

First published: 30 June 2019, 12:12 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी