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इस सड़क पर गाड़ियों के पहिए रोक देता है भूत, सिगरेट और शराब पिलाने पर बख्श देता है जान

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2018, 9:03 IST

हिमाचल प्रदेश की वादियां जितनी सुंदर हैं, उतनी खतरनाक भी मानी जाती है. यहां ऐसे तमाम दुर्गम स्थान हैं जहां पहुंचना तो आसान होता है लेकिन लौटना उतना ही मुश्किलों भरा. इनमें एक ऐसा दुर्गम स्थान भी जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां भूत रहता है. यहां से निकलने वाले लोग इस भूत के स्थान पर मिनरल वाटर और सिगरेट रखकर ही आगे जाते हैं.

दरअसल, हिमाचल के मनाली लेह मार्ग पर है गाटा लूप्स. ये जगह करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर वीरान पहाड़ पर है. जहां खामोशी एक अजीब सा अहसास कराती है. यहीं पर है भूत का एक छोटा सा स्थान है. इसके बनने की कहानी कुछ अलग है. इस डरावनी जगह पर कोई नहीं जाता, जो लोग इस जगह से गुजरते हैं वह यहां भूत के इस रहस्यमयी स्थान के सामने मिनरल वाटर और सिगरेट रखकर ही आगे जाते हैं.

बता दें कि मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर खतरनाक 21 घुमावदार चक्करों वाले हेयर पिन बेंड को गेटा लूप्स कहा जाता है. इसे भारत का सबसे खतरनाक रास्ता भी माना जाता है. सर्दियों में ये रास्ता भारी बर्फबारी के कारण बंद हो जाता है. मनाली से केलांग होते हुए हिमाचल प्रदेश की सीमा में पहुंचते ही सराचू के पठारी मैदान दिखना शुरु हो जाते हैं. इसके बाद एक नदी आती है, फिर एक खतरनाक पहाड़ी आती है.

सीधे चढ़ाई वाले पहाड़ बड़े पहाड़ बहुत ही डरावने से लगते हैं. भूस्खलन के कारण यहां के रास्ते महीनों बंद रहते हैं. 180 डिग्री के घुमावदार रास्ते को हेयर पिन बेंड कहा जाता है. 21 चक्कर वाला गाटा लूप विश्व के सबसे खतरनाक हेयर पिन बेंड में आता है. इसका घुमावदार रास्ता ही इसकी पहचान नहीं है. एक अन्य कारण से भी इसे लोग जानते हैं.

हिमाचल में ऐसा माना जाता है कि एक लड़के की आत्मा इस स्थान पर रहती है. पहले आत्मा ने यहां के लोगों को थोड़ा परेशान किया. फिर यहां से निकलने वाले लोगों ने उसके रहने के लिए छोटा सा घर और मंदिर बना दिया. इसी मंदिर में भूत का घर माना जाता है. इसमें चढ़ावे के रूप में मिनरल वाटर और सिगरेट और शराब भेंट की जाती है.

ऐसा कहा जाता है कि करीब डेढ़ दशक पहले इस स्थान पर एक ट्रक खराब हो गया था. सर्दी की शुरूआती दौर था हल्की बर्फबारी हो रही थी. ट्रक ड्राइवर, क्लीनर को ट्रक में ही छोड़ मदद के लिए गांव पैदल चला गया. इस स्थान से उस गांव की दूरी करीब चालीस किलोमीटर के आसपास थी.

इस दौरान मौसम और खराब हो गया तथा भारी बर्फबारी के कारण रास्ता बंद हो गया. एक सप्ताह बाद बर्फीला तूफान थमा. ड्राइवर जब मदद लेकर लौटा, तब तक क्लीनर की भूख-प्यास और मौसम की वजह से मौत हो गई. उसकी लाश ट्रक के अंदर मिली थी.

अपने सहायक की मौत से दुखी ड्राइवर ने उसे उसी स्थान पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. जिस स्थान पर ट्रक खड़ा किया गया था उसी स्थान पर क्लीनर को दफन कर दिया गया. इस घटना के कुछ ही दिन बाद इस स्थान पर यहां से निकलने वाले लोगों के साथ अजीव एवं डरावनी घटनाएं होने लगीं. 

इस जगह पर एक लड़का लोगों को अकसर दिखने लगा, जो उनसे कुछ खाने और पीने को पानी मांगता. जो लोग उसे यह नहीं देते थे वह किसी न किसी हादसे का शिकार होने लगे. ऐसा कहा जाता है कि बाहर से आने वाले लोगों को इतनी ऊंचाई पर सांस लेने में दिक्कत के कारण मौत भी हो जाया करती थी. कई लोगों ने उस लड़के को पानी भी दिया, पर पानी की बोतल उसके हाथ से नीचे गिर जाती थी और वह बड़ी ही लाचार स्थित में वैसे ही आंखों में आंसू लिए लोगों से पानी और खाना मांगता रहता था.

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First published: 4 August 2018, 17:13 IST
 
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