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ये आईलैंड 78 सालों से पड़ा है वीरान, कदम रखने की कोई नहीं कर पाता हिम्मत

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 December 2019, 20:50 IST

दुनिया में ऐसे कई जगहें हैं जहां पर आज तक इंसान के कदम नहीं पड़े है. कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां लोग अपनी जान हथेली पर रखकर जाते है. वहीं कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां पर पहले तो इंसान रहते थे लेकिन किसी कारणवश वो अब वहां नहीं रहते और आज भी उन जगहों पर जाने की उनकी हिम्मत नहीं होती. एक ऐसी ही जगह हैं स्कॉटलैंड के ग्रुइनार्ड की खाड़ी में बसा छोटा-सा आइलैंड ग्रुइनार्ड(Gruinard Island). 78 साल पहले इस जगह पर लोग रहा करते थे लेकिन आज यहां कोई जाने से कतराता है.

ग्रुइनार्ड(Gruinard) की खाड़ी में स्थित आइलैंड ग्रुइनार् करीब दो किलोमीटर लंबा और एक किलोमीटर चौड़ा है. इस आयलैंड के बारे में पहली बार डीन मुनरो ने दुनिया को बताया था. डीन मुनरो ने अपनी किताबन में इस आयलैंड को काफी खूबसूरत और हर भरा बताया है. हालांकि आज यह आयलैंड वीरान पड़ा है. इसके पीछे एक कारण है. दरअसल, दूसरे विश्व युद्ध (World War II) दौरान ब्रिटेन ने इस आयलैंड पर एंथ्रेक्स नाम(Anthrax Gas) की जहरीले गैस का परीक्षण किया था. यह गैस इतनी खतरनाक थी कि यहां पर कोई जिंदा नहीं बचा. अगर कोई व्यक्ति इस गैस के संपर्क में आ जाए तो कुछ ही देर में उसकी जान चली जाए. जिसके कारण इस आयलैंड को खतरनाक कहा जाने लगा.


एंथ्रेक्स के की चपेट में अगर कोई इंसान आता है तो पहले उसे हल्का बुखार आता है. लेकिन थोड़े समय बाद उसे इंटरनल ब्लीडिंग होती है जिसकी वजह से उसकी मौत हो जाती है. इस गैस का अगर किसी जगह परिक्षण किया जाता है उसका असर उस जगह लंबे अरसे तक रहता है.ब्रिटेन ने जब एंथ्रेक्स गैस का परिक्षण ग्रुइनार् आइलैंड पर किया तो यहां के जलीय-जीवों पर उसका काफी घाचत परिणाम पड़ा. दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही इस आयलैंड पर किसी ने जाने की हिम्मत नहीं दिखाई. हालांकि साल 1990 में इस आयलैंड को सुरक्षित घोषित कर दिया गया और यहां पर लगा नो एंट्री के बोर्ड को हटा दिया गया लेकिन किसी भी इंसान ने इसके बाद भी यहां पर कदम रखने की हिम्मत नहीं हुई.

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First published: 29 December 2019, 17:17 IST
 
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