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अगर आप भी रहना चाहते हैं हमेशा जवान और खूबसूरत, यहां छिपा है राज

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 November 2019, 15:43 IST

हर कोई चाहता है कि वह हमेशा जवान और सुंदर (Young and Beautiful) बना रहे. लेकिन ऐसा मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है. आज हम आपको ऐसे ही एक राज के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको हमेशा जवान और खूबसूरत बनाए रखेगा. ये राज हमारे देश में ही छिपा हुआ है. दरअसल, हरियाणा में एक ऐसी जगह है जहां हमेशा जवान और खूबसूरत बने रहने का राज छिपा है.

ये स्थान अरावली पर्वत श्रृंखला के पास मौजूद धोसी पहाड़ी पर है. दरअसल अरावली पर्वत श्रृखला में पायी जाने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी कायाकल्प है. बता दें कि कायाकल्प ऐसी औषधि है, जिससे त्वचा तो अच्छी होती ही है साथ ही स्वास्थ्य भी दिनों दिन अच्छा होता जाता है. आयुर्वेद में सबसे महान खोज च्यवनप्राश को माना जाता है, किन्तु ये कम लोग ही जानते हैं कि च्यवनप्राश जैसी आयुर्वेदिक दवा धोसी पहाड़ी की देन है.

 

बता दें कि धोसी पहाड़ी अरावली पर्वत श्रृंखला के अंतिम छोर पर उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक सुप्त ज्वालामुखी है. यह उत्तरी अक्षांश और पूर्वी देशान्तर पर स्थित इकलौती पहाड़ी है. ये पहाड़ी कई महत्वपूर्ण और रहस्यमयी वजहों से चर्चित है. इस पहाड़ी का जिक्र विभिन्न धार्मिक पुस्तकों में भी मिलता है. बता दें कि इस ज्वालामुखी में हजारों साल से कोई विस्फोट नहीं हुआ है.

धोसी पहाड़ी दक्षिण हरियाणा एवं उत्तरी राजस्थान की सीमाओं पर स्थित है. इस पहाड़ी का हरियाणा वाला हिस्सा महेंद्रगढ़ जिले में स्थित है और सिंघाणा मार्ग पर नारनौल से करीब पांच किलोमीटर दूर है. वहीं इस पहाड़ी का राजस्थान वाला भाग झुंनझुंनू में जिले में स्थित है. धोसी पहाड़ी के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह ऐसी चमत्कारी पहाड़ी है, जहां जो भी व्यक्ति आता है वह इस पहाड़ी पर बैठकर वेद लिखता है, पहाड़ी उस व्यक्ति और वेद के महान तत्व अपने अंदर स्थापित कर लेती है.

ऐसा माना जाता है कि करीब 5100 साल पहले पांडव भी अपने अज्ञातवास के दौरान यहां आए थे. विश्व के सबसे पुराने धर्म यानी सनातन धर्म के शुरूआती विकास से लेकर आयुर्वेद की महत्वपूर्ण खोज च्यवनप्राश का संबंध भी धोसी पहाड़ी से ही है. इस पहाड़ी की सुप्त ज्वालामुखी की संरचना होते हुए भी भूगर्भशास्त्री इसे ज्वालामुखीय संरचना मानने से मानने से इनकार करते हैं. भूगर्भशास्त्रियों का कहना है कि पिछले 2 मिलियन सालों में अरावली पर्वत श्रृंखला में कोई ज्वालामुखी विस्फोट नहीं हुआ है. इसलिए इसे ज्वालामुखी संरचना मानना उचित नहीं है. लेकिन इस पर पाई जाने वाली कई जड़ी-बूटियों से गंभीर से गंभीर बीमारी का भी इलाज हो जाता है.

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First published: 28 November 2019, 15:37 IST
 
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