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Holi 2020: होली की अजीब पंरपरा, अंग्रेजों पर गुस्सा निकालने के लिए ‘लाट साहब’ को जूता मारते हैं लोग, खेलते हैं जूता-मार होली

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 March 2020, 15:44 IST

Holi 2020: होली आने वाली है और इस दिन का सबको बेसब्री से इंतजार है. देश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरह से होली मनाई जाती है, कुछ जगह होली को मनाने के तरीके के कारण लोग काफी हैरान भी होते है. उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में भी ऐसी ही अजीब होली मनाई जाती है, जिसके बारे में जानकर आप हैरानी में पड़ जाएंगे. शाहजहाँपुर में रंगो और गूलालों से नहीं बल्कि जूतों से होली खेली जाती हैं और इस दिन एक व्यक्ति को भैंस गाड़ी पर बैठाकर उसे पूरे शहर में घुमाया जाता है जिसको लोग जूता मारते है.

शाहजहाँपुर की जूता मार होली भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व नें प्रसिद्ध है. इस तरह से होली मनाकर लोग अंग्रेंजो के पति अपना रोष प्रकट करते है. दरअसल, आजादी से पहले अंग्रेजों ने भारतीयों पर काफी अत्याचार किया था. लोगों के मन में आज भी दर्द और आक्रोश हैं जिसको लोग अनूठे ढंग से प्रदर्शित करते है. यह जुलूस आजादी से पहले भी निकाला जाता था. उस दौरान अंग्रेंजो ने इसे रोकने की कोशिश की थी लेकिन वो उसमें कभी सफल नहीं हो पाए.

 

एक व्यक्ति जिसे लोग लाॉ साहब कहते हैं उसको भैंस की गाड़ी पर बिठाया जाता है , इस दौरान युवक के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं होता है. लाट साहब को पूरे शहर में घुमाया जाता है. इस दौरान व्यक्ति को लगातार झाडू और जूतों से पीटते हुए पूरे शहर में घुमाया जाता है. हालांकि जब जुलूश निकलता है तब तो लाट साहर के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं होता है लेकिन जब उसे शहर में लाया जाता है तब उसके शरीर पर कपड़ा होता है.

शहर में अलग-अलग चार जुलूश निकलते हैं और इस दौरान जमकर हुड़दंग होता है. वैसे तो किसी भी व्यक्ति को खुलेआम पिटना गैरकानूनी होता है लेकिन होली के दिन शाहजहाँपुर में यह जुलूश पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच होता है.

बता दें, लाट साहब को पहले चौक कोतवाल के प्रभारी पुलिस निरीक्षक सलामी देता है. इस दौरान लाट साहब को शराब की बोतल के साथ नकदी व अन्य उपहार के रूप में दिए जाते है. इतना ही नहीं जो व्यक्ति लाट साहब बनात है उसकी पहचान गोपनीय रखी जाती है. होली के चार दिन पहले ही उस व्यक्ति को गोपनीय स्थान पर भेज दिया जाता है और उसकी जमकर खातिरदारी की जाती है. इतना ही नहीं जो कमेटी इसका आयोजन करती है वो लाट साबह बने व्यक्ति को नकद उपहार भी देती है.

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First published: 5 March 2020, 15:37 IST
 
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