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इस देश में शव दफनाने के लिए डेढ करोड़ में मिलती है जरा सी जमीन

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 May 2019, 14:11 IST

हांगकांग दुनिया का सबसे जनसंख्या घनत्व वाला शहर है. जहां इंसानों के रहने की लिए ही जगह नहीं बची है यही नहीं मृत शरीरों को दफनाने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है. इसी के चलते यहां शवों को दफनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं. क्योंकि यहां कब्रिस्तान में शव दफनाने के लिए लोगों को पहले जमीन खरीदनी पड़ती है उसके बाद ही कोई शव दफना सकता है. कब्रिस्तान में जमीन की कीमत भी इतनी कि हमारे देश में इतने पैसों में आप काफी जमीन खरीद सकते हैं.

जनसंख्या वृद्धि की वजह से हांगकांग में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसीलिए शवों को दफनाने के लिए जमीन के एक छोटे से टुकड़े के 1 लाख 80 हजार पाउंड यानि करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये चुकाने पड़ते हैं. इसी परेशानी से बचने के लिए लोगों ने अब शवों का अंतिम संस्कार करना शुरु कर दिया.

 लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई. क्योंकि लोग अंतिम संस्कार के बाद शव की भस्म या अस्थियों को भी दफनाना चाहते हैं. लेकिन जमीन की बढ़ती कीमतों की वजह से भस्म को सरकारी लॉकर में रखना शुरु कर दिया है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक इतनी कीमत में एक आलीशान घर बनवाया जा सकता है. जितनी कीमत में एक शव को दफनाने के लिए जमीन खरीदनी पड़ रही है.

यहां जमीन की कीमतों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकारी लॉकरों में चार लाख शवों की भस्म दफनाने का इंतजार कर रही हैं. भस्म की पहचान के लिए लॉकर के बाहर मृतकों की तस्वीर लगानी पड़ रही हैसरकारी लॉकर में अस्थियां रखने के लिए भी लोगों को फीस चुकानी पड़ती है.

जो एक साल के लिए 22 हजार रुपये होती है. यही नहीं अब सरकारी लॉकरों में भी जगह नहीं बची है इसलिए लोग प्राइवेट लॉकर में अस्थियां रखने को मजबूर हैं. बता दें कि इन लॉकरों का आकार स्लीपर के एक डिब्बे के आकार का है.

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First published: 2 May 2019, 14:11 IST
 
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