Home » अजब गजब » Houska Castle Gateway to Hell in Czech Republic
 

नर्क का द्वार: दुनिया का वो गड्ढा जिसमें एक युवा को उतारा गया लेकिन कुछ संकेंडे बाद ही वो हो गया बूढ़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 January 2020, 16:50 IST

दुनिया में कई रहस्यमयी जगहें ऐसी हैं जिनके बारे में कई कहानी प्रचलित है जो लोगों को अंचभित कर देती है. चेक गणराज्य में होउसका कैसल भी उन जगहों में से एक है जिसके बारे में कई कहानियां ऐसी है और वो लोगों को हैरान कर देती है. होउसका कैसल में एक ऐसा गड्ढा है जिसे नर्क का द्वार भी कहा जाता है. यह गड्ढा कितना गहरा है इसके बारे में किसी को कोई भी जानकारी नहीं है.

होउसका कैसल का निर्माण कब हुआ इसके बारे में कोई सही जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन माना जाता है कि इसका निर्माण 1253 से 1278 के बीच हुआ है. होउसका कैसल को आखिर क्यों बनाया गया इसके पीछे भी एक कहानी है. होउसका कैसल को बनाकर यहां के निवासियों ने उस गड्ढा को ढकने की कोशिश की थी जिसकी गहराई कितनी है इसके बारे में किसी को कोई पता नहीं है. इस गड्ढे को लोग 'नर्क का द्वार' भी कहते है.


होउसका कैसल में मौजूद नरक के द्वार के बारे में कहा जाता है कि इसमें से सूरज ढलने के बाद भयानक जीव निकलते थे. इन जानवरों के काले पंख होते थे,  ये आधे इंसान और आधे जानवर थे जो पूरे देश में घूमते थे.

इस गड्ढे से जुड़ी एक कहानी और प्रचलित है. कहा जाता है कि एक बार 13वीं सदी में एक कैदी को उसकी सजा माफ करने का वादा किया गया. कैदी के सामने शर्त रखी गई कि उसे इस गड्ढ़े में उतरकर देखना होगा कि इसकी गहराई कितनी है. वह व्यक्ति इसके लिए राजी हो गया. बताया जाता है कि जब रस्सी से बांधकर उस व्यक्ति को इस गड्ढ़े में उतारा गया तो थोडी देर बाद उसकी चीखें लोगों को सुनाई देनी लगी और जब उसे बाहर निकाला गया तो वो बूढ़ा हो चुका था. यानि उसकी उम्र सामान्य से कई साल आगे बढ़ गई थी.

होउसका कैसल में काम करने वाले लोग आए दिन इस बात का दावा करते रहते हैं कि उन्हें इमारत की निचली मंजिल से कुछ अजीबो-गरीब आवाजें सुनाई देती हैं. इतना ही नहीं यहां पर आने वाले सैलानी भी कई बार लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनने का दावा कर चुके है.

पहली बार देश का संविधान प्रिंट करने वाली मशीन बेची गई कबाड़ के भाव

First published: 26 January 2020, 14:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी