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इस देश में आधा दर्जन से अधिक बच्चे पैदा करने पर महिलाओं को मिलता है स्वर्ण पदक

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 December 2019, 20:06 IST

Amazing Facts about Kazakhstan : दुनिया के हर देश का अपना-अपना नियम और कानून (Rules and Law) हैं. कई देशों में कम बच्चे पैदा करने के नियम हैं तो कई देशों में ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को प्रोत्साहन मिलता है. एक ऐसा ही देश का कजाखस्तान. जहां परिवारों को बढ़ाने के लिए सरकार खुद लोगों को प्रोत्साहन देती है. यही नहीं सात से अधिक बच्चे पैदा करने वाली महिला को स्वर्ण पदक दिया जाता है. दरअसल, यहां की सरकार चाहती है कि परिवारों में अधिक बच्चे हों. इसलिए, इस देश की जन्म दर बढ़ाने में योगदान देने वाली वाली मांओं को 'हीरो मदर्स' का मेडल दिया जाता है.

यहां किसी परिवार में छह बच्चे होने पर मां को रजत पदक दिया जाता है. सात या उससे ज्यादा बच्चे पैदा करने पर मां को स्वर्ण पदक से नवाजा जाता है. पदक पाने वाली मांओं को सरकार पूरी जिंदगी मासिक भत्ता देती है. बता दें कि कजाखस्तान की रहने वाली रौशन कोजोमकुलोवा 10 बच्चों की मां हैं.

उनके पास रजत और स्वर्ण पदक दोनों हैं. अपनी इन उपलब्धियों पर कोजोमकुलोवा को फख्र है. उनके घर में आठ बेटियां और दो लड़के हैं. खाने की मेज पर सभी बच्चे एक साथ खाना खा रहे हैं. सबसे छोटा बच्चा बड़े भाई की गोद में बैठकर खाना खाता है. स्वर्ण पदक मिलने के बाद वह उम्र भर सरकारी भत्ते की हकदार हैं.

बता दें कि जो माताएं मेडल नहीं जीत पातीं. सरकार उन्हें भी आर्थिक मदद देती है. जिन परिवारों में चार बच्चे हैं, उनको भत्ता दिया जाता है, जब तक कि बच्चे 21 साल के न हो जाएं. कजाखस्तान के श्रम और सामाजिक कार्यक्रम विभाग की अक्साना एलुसेजोवा के मुताबिक, सरकार की नीति है कि लोगों को देश में ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए. सभी लोग इस बारे में हमेशा बात करते हैं कि ज्यादा बच्चे हों, जिससे हमारी आबादी बढ़ेगी.

दरअसल, यहां माताओं को पदक से नवाजने और आर्थिक मदद देने की प्रथा सोवियत संघ के समय शुरू हुई थी. 1944 में सोवियत संघ ने 'मदर हीरोइन' पुरस्कार शुरू किया था. यह उन परिवारों को दिया जाता था, जिनमें 10 या अधिक बच्चे हों. मांओं को सम्मानित करने के लिए सोवियत सरकार उनको सितारे जैसा बैज और प्रशस्ति-पत्र देती थीं.

हालांकि सोवियत काल की तुलना में अब यह पुरस्कार छोटे परिवारों को भी मिलने लगा है, क्योंकि जन्म दर ऊंची रखना अब भी कजाखस्तान सरकार की प्राथमिकता में है. हीरो मदर कहलाने के लिए अब कम से कम चार बच्चे होने जरूरी हैं. सरकार गर्भवती महिलाओं और एकल मां को भी आर्थिक सहायता देती है, लेकिन सिर्फ पहले साल. जिन मांओं के चार से कम बच्चे हैं, उनको सरकार से कोई मासिक भुगतान नहीं मिलता. कुछ लोगों की मांग है कि इस योजना को दो या दो से अधिक बच्चों वाली मां के लिए भी लागू करना चाहिए.

First published: 24 December 2019, 20:06 IST
 
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