Home » अजब गजब » Interesting Fact About Himba Tribes of Namibia Where Women Never Take Bath
 

ये महिलाएं खूबसूरती के लिए पानी की जगह धुंआ से करती है स्नान

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 July 2018, 16:06 IST

दुनियाभर में फैले अलग जनजातियों के अपने अलग रीति-रिवाज है. इन जनजातियों में से एक है हिम्बा जनजाति. जो अफ्रीकी देश नामीबिया के कुनैन प्रांत में पाई जाती है. इस जनजाति की महिलाएं कई नहीं नहाती, यहां तक कि उन्हें पानी से हाथ लगाना तक मना है. बावजूद इसके इस जनजाति की महिलाओं को सबसे खूबसूरत माना जाता है.

नामीबिया के कुनैन प्रांत की हिम्बा जनजाति की कुल जनसंख्या के बारे में कोई सही जानकारी नहीं है. फिर भी माना जाता है कि इस जनजाति के 20 से 50 हजार लोग कुनैन प्रांत में रहते हैं. हिम्बा ट्राइब की महिलाओं को अफ्रीका की सबसे खूबसूरत महिलाएं कहा जाता है. इस ट्राइब की महिलाओं को नहाने की इजाजत नहीं है.

यही नहीं ये महिलाएं हाथ धोने तक के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं. हालांकि, खुद को साफ-सुथरा रखने के लिए इन महिलाओं का अपना एक खास तरीका है.

इस जनजाति की महिलाएं खुद को खूबसूरत बनाने और अपनी स्किन को सही रखने के लिए खास जड़ी-बूटियों को पानी में उबालकर उसके धुंए से अपनी बॉडी को फ्रेश रखती हैं. ताकि उनसे शरीर से बदबू ना आए. इस हर्ब की खुशबू से इनकी बॉडी कभी ना नहाने के बाद भी अच्छी स्मेल करती है.

इस ट्राइब की महिलाएं अपनी स्किन को धूप से बचाने के लिए खास तरह के लोशन का इस्तेमाल करती हैं. ये लोशन जानवर की चर्बी और हैमाटाइट के घोल से तैयार किया जाता है. हैमाटाइट के धोल की वजह से उनके स्किन का रंग लाल हो जाता है. ये खास लोशन उन्हें कीड़ों के काटने से भी बचाता है. इन महिलाओं को रेड मैन के नाम से भी जाना जाता है.

इनके अजीबोगरीब तरीकों की वजह से ही इस समुदाय की महिलाएं दुनिया की नजर में आई. हिम्बा जनजाति के लोग ज्यादातर दलिया खाते हैं. चाहे वो ब्रेकफास्ट हो, लंच हो या डिनर. तीनों वक्त ये लोग दलिया ही खाते हैं. ये दलिया मक्का या बाजरा के आटे के बना होता है. ये लोग बाजार को महांगू कहते हैं जो नामीबिया में आसानी से उपलब्ध हो जाती है.

बता दें कि नामीबिया की जमीन बहुत कम उपजाऊ है, बावजूद इसके हां बाजरा का उत्पादन खूब होता है. ये लोग दलिया बनाते वक्त उसमें कुछ सब्जियां भी मिला लेते हैं. वहीं शादी समारोह या किसी खास मौकों पर ये लोग मीट खाना पसंद करते हैं.

हिम्बा जनजाति के लोगों के देवता मुकुरू हैं. वो अपने ईष्ट देवता से बात करने के लिए पवित्र अग्रि का प्रयोग करते हैं. इन लोगों का मानना है कि जब आग जलती है तो उसकी आवाज स्वर्ग तक उनके ईष्ट देवता के पास जाती है. इस दौरान ये लोग खड़े होकर अपने देवता से प्रार्थना करते हैं. जब आग बुझ जाती है तो इनकी प्रार्थना समाप्त हो जाती है.

ये भी पढ़ें- इन जगहों पर आज भी छिपा है अरबों का खजाना, लोग करते रहते हैं खोज

First published: 25 July 2018, 16:06 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी