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इटली का यह गांव 26 साल बाद आया झील से बाहर, भूतिया होने के कारण दफनाया गया था पानी में!

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 June 2020, 21:46 IST

इटली का एक मध्ययुगीन गांव जिसे लोग 'भूतिया गांव' भी कहते हैं, वो काफी समय से झील के नीचे था लेकिन वो अब दोबारा से पुनर्जीवित हो गया है. इतालवी गांव फैब्रिश डी कैरीन की स्थापना 13वीं शताब्दी में लोहारों के एक समूह ने की थी और यह लोहे के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हो गया. लेकिन 1947 में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक डैम बनाया गया जिसके बाद उस गांव के निवासियों को पास के गांव वागली डी सोटो लेकर जाया गया.

इसके बाद यह सुंदर गांव हमेशा के लिए पानी के नीचे खो गया, जब एक कृत्रिम रूप से बनाई गई झील वगली के बनने के बाद यह पानी में डूब गया था. भले ही गांव पानी के नीचे डूब गया लेकिन आज भी इस गांव की इमारतें, सिमेट्री, पुल और चर्च सभी अविश्वसनीय रूप से वैसी की वैसी ही हैं. बता दें, इस गांव के बारे में कहा जाता है कि यह इस गांव में बुरी आत्माएं और भूत थे, इसलिए इसे झील बनाकर डुबो दिया गया था.


जब से इस बांध का निर्माण हुआ है उसके बाद से मात्र चार बार इस डैम को खाली किया गया है वो भी रखरखाव कार्य के लिए. साल 1958, 1974, 1983 और 1994 में इस डैम को खाली किया गया था उसके बाद इस गांव को देखने के लिए कई लोग आए थे. आखिरी बार जब गांव साल 1994 में दिखाई दिया था और उसके बाद हजारों लोगों इस भूतिया गांव को देखने आए थे. उस दौरान जो गांव की तस्वीरें ली गई थी उसमें साफ तौर पर दिखाई देता है कि गांव के घर की दिवारें अभी भी सही सलामत है.

वगली दी सोतो के पूर्व महापौर की बेटी के अनुसार, एक बार फिर यह गांव सबके सामने आया है. लोरेंज़ा गियोर्गी ने एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि अगले साल झील को खाली कर दिया जाएगा. उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा,"मैं आपको सूचित करती हूं कि, कुछ स्रोतों से मुझे पता है कि अगले साल, 2021 में, झील वागली को खाली कर दिया जाएगा. आखिरी बार इसे 1994 में खाली किया गया था जब मेरे पिता महापौर थे और उनकी प्रतिबद्धता और कई प्रयासों के कारण, एक गर्मियों में वागली के देश में एक लाख से अधिक लोगों का स्वागत किया था."

उन्होंने आगे लिखा,"1994 में मेरे पिता ने मुझे बताया कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करना मुश्किल था और यह सब कुछ प्रशासन पर बोझ के बिना किया गया था. मुझे उम्मीद है कि अगले साल सोशल नेटवर्क की मदद से हम पिछली सफलता को दोहराने में सक्षम होंगे." खबरों के अनुसार, यह बताया गया है कि ऊर्जा कंपनी ENEL, जो बांध की मालिक है, ने कहा है कि यह क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावना के रूप में जल निकासी पर विचार कर रहा है.

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First published: 5 June 2020, 21:44 IST
 
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