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एेसी रहस्यमयी जगह, जहां परिंदे करते हैं सुसाइड...

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2017, 14:19 IST

भारत में ऐसी कई जगहें हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते. इन जगहों के राज से पर्दा उठना अभी बाकी है. एक ऐसी ही जगह है दक्षिणी असम का दिमा हासो जिला. यहां पहाड़ी घाटी में एक रहस्यमयी गांव बसा है.

इस गांव का नाम है जतिंगा और सितंबर महीने की शुरुआत होते ही यह चर्चाओं में आ जाता है. इसके पीछे वजह है यहां होने वाली पक्षियों की आत्महत्या. दरअसल अक्टूबर से नवंबर तक कृष्णपक्ष की रातों में यहां अजीबो-गरीब घटनाएं होती हैं.

शाम सात बजे से लेकर रात के 10 या साढ़े दस बजे के बीच अगर आसमान में धुंध छा जाए, हवा की रफ्तार तेज हो जाए और कहीं से कोई रोशनी कर दे तो पक्षियों की खैर नहीं. उनके झुंड कीट-पतंगों की तरह बदहवास होकर रोशनी के स्रोत पर गिरने लगते हैं.

आत्महत्या की इस दौड़ में स्थानीय और प्रवासी चिड़ियों की 40 प्रजातियां शामिल रहती हैं. कहा जाता है कि यहां बाहरी अप्रवासी पक्षी जाने के बाद वापस नहीं आते. इस वैली में रात में एंट्री पर प्रतिबंध है. जातिंगा दरअसल असम के बोरैल हिल्स में स्थित है. जहां काफी बरसात होती है और बेहद ऊंचाई पर होने और पहाड़ों से घिरे होने के कारण बादलों और बेहद गहरी धुंध का यहां जमावड़ा रहता है.

वैज्ञानिकों के मुताबिक गहरी घाटी में बसे होने के कारण जातिंगा में तेज बारिश के दौरान जब पक्षी यहां से उड़ने की कोशिश करते हैं, तो वह पूरी तरह से गीले हो चुके होते हैं, ऐसे में प्राकृतिक रूप से उनके उड़ने की क्षमता खत्म हो जाती है.

चूंकि यहां बांस के बेहद घने और कटीले जंगल हैं, ऐसे में गहरी धुंध और अंधेरी रातों के दौरान पक्षी इनसे टकराकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. जहां तक तय समय की बात है, तो पक्षी शाम के इस समय अपने घरों को लौटने की कोशिश करते हैं. ऐसे में इस वक्त दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं. बता दें कि ये गांव प्राकृतिक कारणों के चलते नौ महीने बाहरी दुनिया से अलग-थलग रहता है.

First published: 16 June 2017, 14:19 IST
 
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