Home » अजब गजब » Kerala engineering student discovered a trick to unlock high secure apple iphone & other devices
 

हिंदुस्तानी युवा ने दिखाया कितनी आसानी से अनलॉक हो सकती हैं एप्पल की डिवाइसें

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:45 IST

लेटेस्ट आईओएस 10 वर्जन पर चलने वाली एप्पल की डिवाइसों पर डाटा चोरी होने का जोखिम है. केरल के एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने दुनिया की दिग्गज तकनीकी कंपनी एप्पल के काफी तगड़े सिक्योर लॉकिंग फीचर को चुटकियों में अनलॉक करते हुए उसे सोचने पर मजबूर किया है. 

इस स्टूडेंट ने एक ऐसा रास्ता खोजा है जिससे एप्पल के बेहत सुरक्षित माने जाने वाले एक्टीवेशन लॉक को बाईपास किया जा सकता है. इससे आईफोन-आईपैड आदि के खो जाने या चोरी हो जाने के बाद दूसरे इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं.

60 सेकेंड से भी कम वक्त में गूगल पिक्सल स्मार्टफोन हुआ हैक

कंजीराप्पल्ली स्थित अमर ज्योति कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मैकेनिकल इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्र हेमंत जोसफ की इस तकनीक से आईफोन, आईपैड, आईपॉड टच या एप्पल वॉच जैसी एप्पल की तमाम डिवाइसों को सुरक्षित किया जा सकता है. 

हेमंत ने कहा, "फाइंड आईफोन ऐप के जरिये यूजर द्वारा लॉक की गई डिवाइसों के लिए मैंने लॉक स्क्रीन को बाईपास करने का ऐसा तरीका खोजा है."

सावधानः 10 लाख से ज्यादा गूगल अकाउंट हैक

इसके लिए हेमंत ने नाम, यूजरनेम और पासवर्ड जैसी इनपुट फील्ड्स को चुना और इनका सिक्योरिटी लैप्स देखा. हेमंत ने अपने ब्लॉग में लिखा, "इन इनपुट फील्ड्स में कोई भी कैरेक्टर लिमिट नहीं है. कोई भी अपना वाई-फाई का नाम 10 हजार लेटर्स या इतने ही लेटर्स का पासवर्ड नहीं रखता है, इसलिए इस बग को फिक्स करने के लिए कैरेक्टर लिमिट तय करना बहुत जरूरी है."

बता दें कि यह पूरी कहानी उस वक्त शुरू हुई जब हेमंत ईबे से अपने दोस्त के लिए एक आईपैड खरीद रहा था और इस आईपैड के पूर्व यूजर्स द्वारा इसे लॉक कर दिया गया था. 

याहू यूजर्स के लिए बुरी खबरः देखिए कहीं 50 करोड़ हैक अकाउंट में आपका नाम तो नहीं

इस लॉक्ड डिवाइस को मंगाने के बाद इससे खेलते हुए हेमंत ने देखा कि किसी अन्य वाई-फाई नेटवर्क विकल्प में कनेक्टिंग से पहले आने वाली वेरिफिकेशन फील्ड में दिए जाने वाले कैरेक्टर्स की कोई लिमिट नहीं थी. 

हेमंत ने ब्लॉग में लिखा, "हम इस फील्ड में जितने चाहें उतने कैरेक्टर्स लिख सकते हैं. यह ओवरफ्लो करने के लिए बिल्कुल सटीक है."

सेलः महज एक डॉलर में हैकर बेच रहे ईमेल और पासवर्ड

गौरतलब है कि खुद को सिक्योरिटी रिसर्चर बताने वाले हेमंत 12वीं की पढ़ाई के दौरान ही बग हंटिंग प्रोग्राम से जुड़ गए थे. कुछ माह पहले गूगल के क्लाउड प्लेटफॉर्म में एक बग दिखाने पर उन्होंने 5 लाख रुपये का इनाम जीता था. इसके अलावा एटीएंडटी, पेब्बल, ट्विटर, माइक्रोसॉफ्ट जैसी 45 कंपनियों से भी उन्हें इसी तरह का इनाम और सम्मान दिया है. 

अब एप्पल ने उनसे संपर्क करके कहा है कि वे इस मामले की जांच कर रही है.

First published: 3 December 2016, 3:53 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी