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इस ग्रह के रहस्यों के बारे में नहीं जानते होंगे आप, यहां रहता है 42 साल दिन और 42 साल रात

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2020, 17:11 IST

Interesting facts about Uranus Planet: हमारे ब्रह्मांड (Universe) में हजारों-लाखों प्लानेट्स (Planes) यानी ग्रह मौजूद है, लेकिन हम केवल अबतक पृथ्वी (Earth) समेत केवल 8 ग्रहों के बारे में ही जानकारी हासिल कर पाए हैं. यही नहीं इन ग्रहों के बारे में भी वैज्ञानिकों (Scientst) के पास पूरी जानकारी नहीं है. इसलिए वैज्ञानिक भी पूरी तरह से किसी ग्रह (Planet) के बारे में सटीक जानकारी नहीं दे पाते हैं.

आज हम आपको अरुण ग्रह के बारे में आपको कुछ अनोखी जानकारियां देने जा रहे हैं जिनके बारे में आपने कभी नहीं सुना होगा. अरुण ग्रह को अंग्रेजी में यूरेनस (Uranus) भी कहा जाता है. इस ग्रह को गैस दानव भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें मिट्टी-पत्थर के बजाय अधिकतर गैस पाई जाती है. इस ग्रह का आकार अन्य ग्रहों की तुलना में काफी बड़ा है. ये सौरमंडल का पहला ऐसा ग्रह है, जिसे टेलिस्कोप से ढूंढा गया था. यह सौरमंडल (Solar System) के आठ ग्रहों (8 Planest) में सूर्य से दूरी के आधार पर सातवां सबसे दूर ग्रह है.

अरुण यानी यूरेनस अपने अक्ष पर करीब 17 घंटे में एक चक्कर पूरा कर लेता है. यानी यूरेनस पर एक दिन मात्र 17 घंटे का ही होता है. यहां का एक साल पृथ्वी के 84 साल के बराबर होता है. लेकिन अरुण पर 42 साल तक रात और 42 साल तक दिन होता है. इसका कारण यह है कि अरुण पर दोनों में से एक पोल यानी ध्रुव लगातार 42 साल तक सूर्य के सामने और दूसरा अंधकार में होता है. अरुण ग्रह सूर्य से लगभग तीन अरब किलोमीटर दूर है.

अरुण यानी यूरेनस अपने अक्ष पर करीब 17 घंटे में एक चक्कर पूरा कर लेता है. यानी यूरेनस पर एक दिन मात्र 17 घंटे का ही होता है. यहां का एक साल पृथ्वी के 84 साल के बराबर होता है. लेकिन अरुण पर 42 साल तक रात और 42 साल तक दिन होता है. इसका कारण यह है कि अरुण पर दोनों में से एक पोल यानी ध्रुव लगातार 42 साल तक सूर्य के सामने और दूसरा अंधकार में होता है. अरुण ग्रह सूर्य से लगभग तीन अरब किलोमीटर दूर है.

इसके चलते ये ग्रह काफी ठंडा है और यहां का तापमान -197 डिग्री सेल्सियस रहता है. लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि अरुण का न्यूनतम तापमान -224 डिग्री सेल्सियस देखा गया है. बता दें कि भले ही पृथ्वी का एक चंद्रमा हो लेकिन अरुण के 27 प्राकृतिक उपग्रह यानी चंद्रमा हैं. हालांकि इनमें से अधिकतर चंद्रमा बहुत ही छोटे और असंतुलित हैं. इनका भार बहुत ही कम है. यही नहीं अरुण अपने अक्ष पर 98 डिग्री तक झुका हुआ है. यही कारण है कि यहां मौसम बहुत ही असामान्य रहता है. यहां हमेशा तूफान जैसा माहौल बना रहता है. यहां हवाएं काफी तेज चलती रहती हैं जो अधिकतम 900 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंच जाती हैं.

इसके अलावा अरुण ग्रह पर बादलों की अनेक परत मौजूद है. सबसे ऊपर मीथेन गैस की परत पाई जाती है. इसके अलावा अरुण ग्रह के केंद्र में बर्फ और पत्थर पाए जाते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि अरुण ग्रह पर मीथेन गैस की अधिकता, तापमान और हवा के कारण यहां हीरों की वारिश होती है. सूर्य के अधिक दूरी होने के कारण इस ग्रह पर सूर्य की किरणों को पहुंचने में दो घंटे 40 मिनट का समय लगता है. यह पृथ्वी से लगभग 20 गुना अधिक है. बता दें कि सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पहुंचने पर केवल 8:17 मिनट का समय लगता है.

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First published: 4 February 2020, 17:11 IST
 
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