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अमेरिका की लाखों की नौकरी छोड़ बनीं सरपंच, 5 गांव की बदल दी सूरत, संघर्ष की कहानी जान करेंगे सलाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 June 2019, 13:20 IST

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 20 किलोमीटर दूर एक गांव है बरखेड़ी अब्दुल्ला. इस ग्राम पंचायत की सरपंच हैं 28 साल की भक्ति शर्मा. भक्ति शर्मा ने अमेरिका की लाखों की सैलरी छोड़ गांव की सूरत बदल दी है. भक्ति के इनके क्षेत्र में आने वाले 5 गांव आज आदर्श गांव के रूप में स्थापित हैं. इन सभी गांव में पानी और बिजली की बेहतरीन व्यवस्था है.

भक्ति को आज देश के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया गया है. अमेरिका के टेक्सास में लाखों की सैलरी पाने वाली भक्ति के गांव की सरपंच बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है. एक बार भक्ति अपने गांव आई थीं तो वहां सरपंच के चुनाव की तैयारी चल रही थी. चुनाव में सीट महिला के लिए आरक्षित थी. भक्ति गांव की सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी लड़की थीं.

 

इसके बाद भक्ति को सरपंच बनाने के लिए उनके पिता से गांव के लोगों ने बात की. भक्ति ने एक बार भी नहीं सोचा और चुनाव लड़ लिया. जीतने के बाद उन्होंने अमेरिका की लाखों की नौकरी छोड़ दी और अपने गांव को संवारने में लग गईं. भक्ति ने अपनी प्रधानी के पहले साल में ही 113 लोगों को पेंशन दिलानी शुरू की. 

आज उनके पंचायत में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है. गांव में महीने में दो से तीन बार फ्री में हेल्थ कैम्प लगता है. सरपंच बनने के बाद उन्होंने गांव में हर बेटी के जन्म पर 10 पौधे लगाना और उनकी मां को अपनी दो महीने की तनख्वाह देने का फैसला किया. बरखेड़ी गांव में आज हर ग्रामीण के पास राशनकार्ड, बैंक अकाउंट, मृदा स्वास्थ्य कार्ड बन गया है.

भक्ति के सरपंच बनने के बाद पंचायत की हर महिला निडर होकर रात के 12 बजे भी गांव में निकल सके भक्ति ने ऐसी कोशिश की है. उन्होंने पहली बैठक से ही ये सुनिश्चित किया कि पंचायत की हर बैठक में महिलाएं ज्यादा शामिल हों. पंचायत की मिड डे मील समिति में आठ महिलाएं है. उनकी कोशिश है कि महिलाओं की भागीदारी पंचायत के कामों में ज्यादा से ज्यादा हो जिससे वे अपने आप को सशक्त महसूस करें. 

ग्रामीण इलाकों में उनके प्रयास द्वारा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रभावित होकर इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम ने उन्हें अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है. रूस में होने वाले इस फोरम में वह बताएंगी कि किस तरह सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सकता है और ग्रामीण विकास को अपेक्षित गति दी जा सकती है. 6 से 8 जून के बीच होने यह सम्मेलन होगा. जिसमें भक्ति 120 देशों के प्रतिनिधियों के सामने अपनी बात रखेंगी.

गौरतलब है कि भक्ति शर्मा ने राजनीति शास्त्र में एमए किया है, फिलहाल वह अभी वकालत की पढ़ाई कर रही हैं. भक्ति के शौक जबरदस्त हैं. वह फर्राटे से ट्रैक्टर चलाती हैं और पिस्टल रखती हैं. गाड़ी से सड़कों पर फर्राटे भरती हैं और किसी भी अधिकारी से बेधड़क बात करती हैं. 

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First published: 8 June 2019, 13:10 IST
 
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