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पत्नियों के साथ सात सेकेंड भी नहीं रहना चाहते ये पति, पीछा छुड़वाने के लिए किया ये काम...

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2018, 13:18 IST

महाराष्ट्र में महिला ने वट पूर्णिमा के अवसर पर अपने पतियों की लंबी आयु के लिए दुआ मांगी. वहीं दूसरी ओर पुरुषों के एक समूह ने पत्नियों से छुटकारा पाने के लिए पूजा-अर्चना की. कहा जाता है कि पुरुष अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं. इसी के चलते वट सावित्री पूजा के मौके पर कुछ पुरुषों ने पीपल के पेड़ के चारों ओर उल्टी दिशा में धागा बांधकर मन्नत मांगी कि उन्हें ऐसी पत्नी सात जन्म तो क्या सात सेकंड के लिए भी नहीं चाहिए.

बता दें कि वट पूर्णिमा को वट सावित्री के नाम से भी जाना जाता है. यह एक ऐसा पर्व है जहां शादीशुदा महिलाएं बरगद के पेड़ के चारों तरफ धागा बांधकर अगले सात जन्मों तक अपने पति का साथ मांगती हैं. इस दिन हिंदू महिलाएं पूरे दिन उपवास रखती हैं. बता दें कि यह पर्व सावित्री और सत्यवान की कथा पर आधारित है जहां सावित्री ने पति सत्यवान को मृत्यु देवता यम से जीवन वापस लेकर आ गई थीं.

वहीं अपनी पत्नियों से पीड़ित पुरुषों के संगठन के सदस्यों ने वालुज इलाके में वट पूर्णिमा के दूसरे दिन इस त्योहार को दूसरे तरीके से मनाया. बता दें कि ये पुरुष अपनी पत्नियों से पीड़ित होने का दावा करते हैं. इसीलिए उन्होंने पीपल के पेड़ पर उल्टी दिशा में धागा बांधकर जाप किया.

इस दौरान पुरुषों ने दुआ मांगी की अगले सात जन्मों तक ऐसी पत्नी मत देना. संगठन के सदस्य तुषार वाखरे ने बताया कि, ‘‘हमारी पत्नियां कानूनी प्रावधानाओं का इस्तेमाल कर हमारा उत्पीड़न करती हैं.उन्होंने हमें इतनी दिक्कतें दी हैं कि हम उनके साथ सात सेकंड भी नहीं रहना चाहते, सात जन्म की बात ही छोड़ दीजिए.’’

वहीं संगठन के संस्थापक भरत फुलवारे और अन्य सदस्यों ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498-, 354 और घरेलू हिंसा कानून के दुरुपयोग को लेकर बैनर दिखाए. वहीं एक अन्य सदस्य ने बताया कि उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज कराए. जिस पर उन्हें चार लाख रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़े.

एक और सदस्य ने कहा कि उन्हें ऐसी पत्नी नहीं चाहिए क्योंकि उनकी पत्नी खाना नहीं बनाती और वो अपना खाना खुद ही बनाते हैं. यही नहीं घर के सभी काम भी उन्हें ही करने पड़ते हैं. वो बताते हैं इसलिए मेरी नौकरी चली गई. उन्होंने कहा कि मैं उसका चेहरा नहीं देखना चाहता, उसका चेहरा देखने के बजाए मैं मरना पसंद करूंगा.

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First published: 28 June 2018, 13:19 IST
 
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