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इस देश में शराब में सोना मिलाकर पीते हैं लोग, बेहद अद्भुत है पीछे की कहानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 November 2018, 13:17 IST

हर देश का अपने-अपने रीति-रिवाज और परंपराएं होती हैं. हमारे देश के पूर्व में बसा देश म्यांमार में भी ऐसी तमाम परंपराएं हैं जो बेहद अजीब है. जिन्हें आपने आजतक नहीं सुना होगा. म्यांमार को पुराने जमाने में वर्मा कहा जाता है. इस देश को आज भी स्वर्णभूमि के नाम से जाना जाता है.

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बीबीसी ट्रैवलर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस देश के हर शहर की जमीन सुनहरी चादर से ढकी लगती है. यहां सुनहरे स्तूप, मंदिर और पगोड़ा ही नजर आते हैं. यहां के बौद्ध मंदिर एकदम सुनहरे दिखाई देंगे. वहीं सबसे बड़े मंदिर पहाड़ों की चोटियों पर स्थिर हैं. छोटे-छोटे मंदिर पुराने पेड़ों के नीचे या लोगों के घरों के सामने बने हुए हैं. इन मंदिरों को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि चारों और सोना ही सोना बिखरा पड़ा है.

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bbc.com/VIVIEN CUMMING

यहां बहने वाली इरावदी नदी इस स्वर्णभूमि के दिल से गुजरती है. इस नदी के किनारे ही असली बर्मा यानि म्यांमार बसा हुआ है. पहाड़ों पर बने विशाल बौद्ध मंदिर, बूंदों से भरे बादल, दूर-दूर तक फैले जंगल और किनारों पर स्थित छोटे-बड़े मकान ऐसे लगते हैं मानो किसी कलाकार ने कूची से एक कृति रच दी हो. मांडले बिजनेस फोरम के मुताबिक, मांडले के आस-पास की पहाड़ियों पर ही सात सौ से ज्यादा स्वर्ण मंदिर हैं.

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यहां से गुजरने वाली इरावदी नदी की लहरों पर इन मंदिरों को तैरते हुए देखा जा सकता है. वहीं बगान नाम के शहर के इर्द-गिर्द2200 से ज्यादा मंदिरों और पगोडा के खंडहर बिखरे हुए हैं. बर्मा की संस्कृति में सोने की बहुत अहमियत है. यहां अभी भी परंपरागत तरीके से ही सोने को तरह-तरह के रंग-रूप में ढाला जाता है.

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ये सोना पूरी तरह से शुद्ध और 24 कैरेट का होता है. वहीं बांस की पत्तियों के बीच में सोने को रखकर सौ से दो सौ परतें तैयार की जाती हैं. फिर इन्हें ढाई किलो के हथौड़ों से क़रीब 6 घंटे तक पीटा जाता है. ताकि ये सही आकार ले सकें. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, फिर इन्हें पतले-छोटे एक एक इंच के टुकड़ों में काटा जाता है. सोने की ये पत्तियां मंदिरों में चढ़ाई जाती हैं. सोने का इस्तेमाल परंपरागत दवाओं में भी होता है.

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bbc.com/VIVIEN CUMMING

यही नहीं, यहां की स्थानीय शराब में भी सोने के ये पत्तर डाले जाते हैं. स्थानीय शराब को व्हाइट व्हिस्की के नाम से जानते हैं. इनकी बोतलों में सोने के पतले पत्तर डाल कर हिलाया जाता है. फिर इस सोने मिली शराब को गिलास में डालकर लोग उसका लुत्फ लेते हैं. बता दें कि म्यांमार में सोने को बहुत पवित्र माना जाता है.

यहां की 90 फ़ीसद आबादी बौद्ध है. बौद्ध धर्म में सोने को बहुत अहमियत दी जाती है. क्योंकि सोने को सूरज का प्रतीक माना जाता है और सूरज ज्ञान और बुद्धि की रहबरी करता हैवहीं सोने की कुटाई का काम मर्द करते हैं और औरतें, तैयार पत्तरों को टुकड़ों में काटने का काम करती हैं. सोने के उन टुकड़ों को बांस के कागज में लपेट कर फिर बेचा जाता है. लकड़ी के टुकड़ों पर नक्‌काशी के लिए भी सोने का इस्तेमाल होता है.

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First published: 8 November 2018, 13:11 IST
 
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