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इन जगहों पर आज भी छिपा है अरबों का खजाना, लोग करते रहते हैं खोज

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 July 2018, 14:19 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

दुनियाभर में कई गुप्त और रहस्यमयी खजाने छिपे हुए हैं.जिन्हें आजतक कोई नहीं ढूंढ पाया है. बावजूद इसके लोग आज भी इन रहस्यमयी खजानों की तलाश में लगे रहते हैं. इन खजानों में सोने, चांदी और हीरे जैसे कीमती जेवरात छिपे हुए हैं. लोग इन खजानों को ढूंढकर जल्दी अमीर बनने का सपना देखते हैं. लेकिन ये खजाना किसी के हाथ नहीं लग पाया. आज हम आपको कुछ ऐसे ही खजानों के बारे में बताएं जो अकूत दौलत से भरे हुए हैं.

चार्ल्स आइलैंड का खजाना

अमेरिका में मिलफोर्ड के पास एक छोटा सा द्वीप है, लेकिन इस द्वीप को श्रापित माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि मैक्सिको के सम्राट गुआजमोजिन का धन 1721 में चोरी हो गया. उसे यहां मल्लाहों ने छिपा दिया था. 1850 में यहां कुछ लोग खजाने की तलाश में पहुंचे, लेकिन सब की मौत हो गई. यहां पर आज तक किसी को खजाना नहीं मिला.

द लॉस्ट डचमैन माइन

अमेरिका के साउथ वेस्टर्न इलाके में एक सोने की खदान है. माना जाता है कि यह सुपरस्टीशन माउंटेन में कहीं है. यह ऐरिजोना में ईस्ट फोनिक्स के पास अपाचे जंक्शन के पास है. बता दें कि यहां की अपाचे जनजातियों के बीच यह मान्यता है कि उनका देवता किसी को भी इस खजाने के पास जाने नहीं देना चाहता. स्पेन के फ्रांसिस्को वास्क डी कोरोनाडो ने जब इस खदान को खोजने की कोशिश की, तो उसके लोगों की मौत होने लगी. जिससे उनकी लाशों से ढेर लग गए.

1845 में यहां डॉन मिगुएल पेराल्टा को कुछ सोना मिला था, लेकिन स्थानीय अपाचे आदिवासियों ने उसकी हत्या कर दी और सोने को पूरे इलाके में बिखेर दिया. उसके बाद उन्होंने खदान का प्रवेश द्वार नष्ट कर दिया. इस सोने की खदान की तलाश में कुछ साल पहले डेनवर निवासी जेस केपेन ने एक अभियान छेड़ा था, लेकिन 2012 में उसका सिर्फ शव मिला.

प्रतीकात्मक फोटो

द अंबेर रूम

द अंबेर रूम, सोने का बना एक कमरा नुमा चैम्बर था. जिसका निर्माण 1707 में पर्शिया में हुआ था. द अंबेर रूम के अंदर पूरा काम सोने का था. इसे कुछ लोग विश्व का आठवां आश्चर्य भी कहते थे. यह रूस और पर्शिया के बीच शांति संधि के उत्सव के दौरान 1718 में पीटर द ग्रेट को गिफ्ट के तौर पर मिला था.

तब से द अंबेर रूम रूस में ही था, लेकिन द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 1941 में नाजियों ने इस पर कब्जा कर लिया और इसे सुरक्षित करने के लिए अलग अलग भागों में बांट दिया. इन सभी टुकड़ों को 1943 में एक म्युजियम में प्रदर्शित किया गया. जहां से यह पूरा का पूरा द अंबेर रूम गायब हो गया. उसके बाद इसका कोई पता नहीं चला.

ओक आइलैंड का गढ्ढा

1795 में ओक आइलैंड में कुछ बच्चों को नोवा स्कोटिया के पास एक छोटे से द्वीप पर कुछ रहस्यमयी रोशनी दिखी. जब बच्चे वहां, पहुंचे तो उन्हें एक काफी बड़ा ताजा खुदा हुआ गढ्ढा दिखा. जब उन बच्चों ने वहां और खुदाई की तो और अंदर उसमें नारियल के खोल, लकड़ी और एक पत्थर का टुकड़ा मिला. पत्थर के टुकड़े पर लिखा लिखा था चालीस फीट नीचे 2 मिलियन पाउंड दफन हैं. इस खजाने की बाद में कई लोगों ने खोज की. लेकिन अभी तक यह खजाना नहीं मिला है.

चंगेज खान का खजाना

चंगेज खान, मंगोल साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध और महान योद्धा था. जिसने उस समय के लगभग पूरे विश्व पर जीत दर्ज कर ली थी. जब 1227 में इसकी मौत हुई, तो कहा जाता है की इसे एक अज्ञात मकबरे में छुपाया गया. जिसमें उस समय के सबसे महान योद्धा के साथ उसका अथाह बेशकीमती खजाना भी रखा गया. हालांकि, माना जाता है कि इस खजाने की तलाश में जो भी गया, वह वापस नहीं आया.

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First published: 25 July 2018, 14:10 IST
 
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