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इस गांव में चलते-चलते सड़क पर ही सो जाते हैं लोग, महीनों तक लेते हैं गहरी नींद

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 January 2019, 16:11 IST

किसी इंसान को जब नींद आती है तो वो सबकुछ छोड़कर सोने लगता है. उसके बाद इंसान तब तक सोता रहता है जबतक कि उसकी नींद पूरी ना हो जाए. कोई दो चार घंटे सोने के बाद ही जाग जाता है तो कोई सात या आठ घंटे की नींद लेता है. लेकिन कजाकिस्तान में एक ऐसा गांव है जहां के लोग चलते-फिरते सो जाते हैं. यही नहीं सोने के बाद वो कई दिनों तक नींद के आगोश में रहते हैं.

दरअसल, कजाकिस्तान के कलाची नाम के इस गांंव में लोग ऐसे सोते है और इतना सोते हैं जिसकी कोई भी कल्पना नहीं कर सकता. बता दें कि उत्तरी कजाकिस्तान में बसे इस गांव के लोग रहस्यमयी तरीके से सोने की बीमारी से पीड़ित हैं. जब ये लोग एक बार सो जाते हैं तो कई दिनों और महीनों तक नहीं उठते.

कलाची गांव से कई दिनों तक सोने का पहला मामला साल 2010 में सामने आया था. कुछ बच्चे अचानक स्कूल में गिर गए थे और सोने लगे थे. इसके बाद इस बीमारी के शिकार लोगों की संख्या बढ़ने लगी. तभी से वैज्ञानिक इस गांव पर रिसर्च कर रहे हैं.

बता दें कि अभी तक डॉक्टर और वैज्ञानिक भी इस बीमारी का पता नहीं लगा पाए हैं कि आखिर लोग इतने दिनों तक कैसे सोते रहते हैं. हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसा यहां के दूषित पानी की वजह से हो रहा है. रहस्यमयी तरीके से सोने के कारण इस गांव को अब 'स्लीपी होलो' भी कहा जाने लगा है.

इल गांव की आबादी करीब 600 है. इस गांव के करीब 14 फीसदी लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं. इस गांव के लोगों की सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि जिनको भी ये बीमारी है उनको पता ही नहीं चलता की वो सो गए हैं. मतलब ये कि यहां के लोग कहीं भी सोते हुए मिल जाएंगे. वो मार्केट, स्कूल या सड़क पर कहीं भी सोने लगते हैं. उसके बाद वो कई दिनों तक सोते रहते हैं.

बता दें कि कजाकिस्तान के इस गांव के पास कभी यूरेनियम की खदान हुआ करती थी, जो अब बंद हो चुकी है. इस खदान में जहरीला रेडिएशन होता रहता था. रिपोर्ट के मुताबिक इस खदान की वजह से ही लोगों को ऐसी अजीब बीमारी ने जकड़ लिया है. हालांकि इस गांव में अभी रेडिएशन की कोई खास मात्रा नहीं है.

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First published: 5 January 2019, 16:11 IST
 
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