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इस गड्ढे को माना जाता है नरक का द्वार, जहां पिछले 47 साल से निकल रही है भयंकर आग

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 December 2018, 13:45 IST

दुनियाभर में ऐसी कई स्थान हैं जहां कुछ ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिनके बारे में आजतक कोई पता नहीं लगा पाया कि आखिर ये होती क्यों हैं. ऐसी ही एक घटना 47 साल पहले तुर्कमेनिस्तान के काराकुम रेगिस्तान में घटी जो आज भी लोगों के लिए किसी रहस्य से कम नहीं है. दरअसल, यहां एक रहस्यमयी गड्ढे से 47 साल से लगातार आग निकल रही है. लोग इसी लिए लोग इसे नरक का द्वार कहते हैं.

दरअसल, 70 के दशक में सोवियत यूनियन दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश हुआ करता था. साल 1971 में यहां के वैज्ञानिकों का एक दल प्राकृतिक गैस की खोज में तुर्कमेनिस्तान के काराकुम रेगिस्तान पहुंचा. वैज्ञानिकों ने वहां एक गड्ढा खोदा गया. इस गड्ढे के आसपास बड़ी-बड़ी मशीनें लगाई गईं और जमीन के अंदर खुदाई शुरू की गई. खुदाई के दौरान एक दिन अचानक जमीन का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे धंस गया. उसके बाद यहां एक बड़ा गड्ढा बन गया.

धीरे-धीरे ये गड्ढा 130 फुट चौड़ा और 60 फुट गहरा हो गया. इस गड्ढे से लगातार मिथेन गैस निकल रही थी. इसके बाद वैज्ञानिकों ने सोचा कि इस गैस को जला दिया जाए. जिससे गड्ढे में मौजूद मीथेन गैस कुछ दिनों में खत्म हो जाएंगी. उसके बाद वैज्ञानिकों ने इस गड्ढे में आग लगा दी. लेकिन उनसे ये गलती हो गई कि आग बुझ जाएगी, मगर ऐसा नहीं हुआ और ये गड्ढे की आग आज भी लगातार जलती जा रही है.

इस रहस्यमयी गड्ढे से ऐसी भयानक आग की लपटें निकलती हैं कि लोग देखकर डर जाते हैं. यहां तक कि वैज्ञानिकों की भी इस गड्ढे के अंदर जाने की हिम्मत नहीं होती है. यही कारण है कि आसपास के गावों में रहने वाले लोग इसे नरक का द्वार कहते हैं. उनका मानना है कि नरक में भी ऐसी ही आग की लपटें होती हैं.

बता दें कि तुर्कमेनिस्तान की सरकार ने इस गड्ढे को भरने की कई बार कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें नाकामी ही हाथ लगी. हालांकि अब ये जगह एक पर्यटक स्थल बन चुकी है. यहां दूर-दूर से लोग आते हैं और इस रहस्यमयी गड्ढे को देखते हैं. इस जगह से आज भी मिथेन गैस की बदबू आती है.

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First published: 30 December 2018, 13:12 IST
 
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