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ये है दुनिया की सबसे खतरनाक जगह, यहां अकेला रहता है ये शख्स, जानिए क्या है वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2020, 14:12 IST

The guardian animals Naoto Matsumura: इंसान एक सामाजिक प्राणी है और कहीं भी अकेला नहीं रह सकता. इसीलिए इंसान (Human) ऐसी जगहों पर रहना पसंद करते हैं जहां कुछ लोग जरूर रहते हों. लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे शायद समाज से कोई लेना देना नहीं है. इसीलिए ये शख्स पूरे एक शहर में अकेला रहता है. यही नहीं इस शहर को दुनिया का सबसे खतरनाक शहर भी माना जाता है और ये इलाका पिछले नौ साल से वीरान पड़ा है. लेकिन ये शख्स यहां बड़े आराम से रह रहा है.

दरअसल, नाओतो मात्सुमुरा नाम का एक शख्स जापान के एक छोटे से शहर तोमियोको में रहता है. 11 मार्च 2011 को जापान के फुकुशिमा में हुई भयानक परमाणु दुर्घटना के बार से बंद हो गया.जिसके बाद तोमियोको सहित आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग अपना घर-बाड़ छोड़कर दूसरे इलाकों में चले गए. नाओतो मात्सुमुरा भी तोमियोको से चले गए थे, लेकिन उन्हें रहने की कोई जगह नहीं मिली तो वो फिर वापस तोमियोको आकर रहने लगे.


इसके अलावा एक और वजह है जो उन्हें यहां फिर से वापस लेकर आ गई. वह थी जानवरों से उनका लगाव. बता दें कि मात्सुमुरा को जानवरों से बहुत लगाव है. परमाणु दुर्घटना के बाद वो तोमियोको से चले तो गए थे, लेकिन यहां के जानवर उस इलाके को छोड़कर कहीं नहीं जा रहे थे, इसलिए मजबूरन उन्हें भी तोमियोको आना पड़ा. इस इलाके में रेडिएशन का भयंकर खतरा था, क्योंकि वहां की मिट्टी और पानी में रेडिएशन मिला हुआ था. इसलिए उन्होंने यहां रहने से पहले जानकारी इकट्ठा की. जापान की एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी की ओर से उन्हें बताया गया कि वह कम से कम 30-40 साल तक को बीमार नहीं पड़ेंगे. इसके बाद वो वहां रहने चले गए.

बता दें कि मात्सुमुरा को फुकुशिमा के जानवरों का संरक्षक कहा जाता है. शुरुआत में तो वह सिर्फ अपने पालतू जानवरों का ही ख्याल रखते थे, लेकिन बाद में वह लावारिस जानवरों के संरक्षक भी बन गए. कुछ लोग उन्हें 'रेडियोएक्टिव मैन' भी कहते हैं. क्योंकि एक शोध के मुताबिक, एक आम आदमी पर पूरी जिंदगी में जितना रेडिएशन पड़ता है, उससे 17 गुना ज्यादा मात्सुमुरा पर पड़ा है. इसकी वजह ये है कि जब वो तोमियोको लौटे थे, तो यहां मौजूद सब्जियां, मांस या मछली खाते थे, जिसमें काफी ज्यादा रेडिएशन था. हालांकि अब वो बाहर का खाना खाते हैं और झरने का पानी पीते हैं. इन दोनों ही चीजों में रेडिएशन नहीं है.

मात्सुमुरा जहां रहते हैं वहां न तो बिजली है और ना ही पानी. हालांकि उनके पास एक सोलर पैनल है, जिसकी मदद से वो अपना मोबाइल चार्ज कर लेते हैं. साथ ही साथ उससे कंप्यूटर भी चला लेते हैं. वो बहुत ज्यादा सिगरेट पीते हैं. जिसके लिए उन्हें काफी दूर जाना पड़ता है.

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First published: 30 March 2020, 14:12 IST
 
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