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अस्पताल में मरने के बाद ज़िंदा हो गया नवजात बच्चा

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 July 2017, 14:47 IST
प्रतीकात्मक तस्वीर

अगर किसी नवजात बच्चे की सांसें थमने के बाद वो फिर से किलकारियां मारने लगे, तो हैरान होना जायज़ है. जी हां तेलंगाना के वारंगल में ऐसी ही एक घटना हुई, जिसने लोगों को आश्चर्य में डाल दिया है. 

मामला तेलंगाना के एमजीेएम अस्पताल का है. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां चमत्कार जैसा कुछ नहीं था. दरअसल ये पूरा मामला धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की लापरवाही से जुड़ा है. हां ये ज़रूर है कि ऊपर वाले की इच्छा के आगे धरती के भगवान की एक न चली.

दरअसल रविवार को एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक नवजात बच्चे को मृत घोषित कर दिया. लेकिन जब बच्चे के अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थी, तभी लोगों ने देखा कि उसकी सांसें चलने लगीं. बच्चे के परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले उसके शरीर में हरकत होते देखी. जिसके बाद मातम का माहौल ख़ुशी में तब्दील हो गया. 

इस मामले में पता चला है कि परिजन जब बच्चे को लेकर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे, तो कुछ घंटों के बाद ही नवजात बच्चे  को मृत घोषित कर दिया गया. जब इस मामले में डॉक्टरों से लापरवाही को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब था कि सुबह के वक़्त ईसीजी मशीन काम नहीं कर रही थी, इसलिए गड़बड़ी हुई. 

दिल्ली में पिछले महीने ऐसा ही मामला

पिछले महीने दिल्ली में इसी तरह की घटना सामने आई थी. बदरपुर इलाके में समय से पहले एक (प्रीमेच्योर बेबी) बच्चे का जन्म हुआ, जिसका वजन 460 ग्राम था. बच्चे के पिता रोहित के मुताबिक सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर  और नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे को मृत घोषित करते हुए उसके शरीर को एक पैकेट में सील करते हुए दिया. 

जब बच्चे का क्रियाकर्म करने की तैयारी हो रही थी, तभी उसकी बुआ ने पैकेट में कुछ हलचल होते देखी. जिसके बाद परिजनों को बच्चे के जीवित होने की संभावना जागी. जब पैकेट को खोला गया, तो बच्चा वाकई ज़िंदा था. 

First published: 3 July 2017, 14:47 IST
 
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