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इस जगह का कोई नहीं है मालिक, एक भारतीय ने लहराया था यहां परचम

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 December 2019, 17:27 IST

Bir Tawil The Unclaimed Land : पूरी दुनिया में हर जगह पर किसी ना किसी देश का कब्जा होता है. लेकिन कुछ ऐसी भी स्थान हैं जिन पर आजतक किसी देश का कब्जा नहीं है. इसीलिए इस स्थान को नो मैंस लैंड कहा जाता है. अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, 'नो मैन्स लैंड' दो देशों की सीमाओं के बीच की वो खाली जगह होती है. जिस पर किसी भी देश का कानून रूप से नियंत्रित नहीं होता. इसीलिए उस स्थान पर कोई भी देश कानूनी रूप से दावा भी नहीं कर सकता.

ऐसी ही एक जगह है अफ्रीका में. जिसपर किसी भी देश का अधिकार नहीं है. यही नहीं इस जगह पर कोई भी देश अपना अधिकार जमाना नहीं चाहता. बीर ताविल नाम की ये जगह 2,060 वर्ग किलोमीटर में फैली है. ये इलाका मिस्र और सूडान की सीमाओं के बीच है. इस स्थान का पता 20वीं सदी की शुरुआत चला था. जब मिस्र और सूडान ने अपनी सीमाएं कुछ इस तरह से बनाईं थी कि ये इलाका दोनों देशों में से किसी का भी नहीं हो सका.

बता दें कि बीर ताविल एक सूखाग्रस्त इलाका है और यहां की जमीन बंजर है, जिसपर कुछ भी उगाना संभव नहीं है. यहां आपको कहीं भी पानी दिखाई नहीं देगा. चारों तरह खुला आसमान मानो आपको अपने आगोश में लेना चाहता हो. इसी के चलते इस जगह पर कोई भी अपना दावा नहीं करना चाहता. हालांकि इस इलाके ने कई लोगों को अपनी तरफ आकर्षित जरूर किया है.

साल 2014 में अमेरिका के वर्जीनिया के एक किसान ने बीर ताविल में एक झंडा लगा कर खुद को 'उत्तरी सूडान के राज्य' का गवर्नर घोषित किया था. इस किसान की ख्वाहिश थी कि उनकी बेटी यहां की राजकुमारी बनें. इसके बाद साल 2017 में एक भारतीय ने इस जगह को अपना देश घोषित किया था. जिसे उन्होंने 'किंगडम ऑफ दीक्षित' नाम दिया था.

दरअसल, मध्यप्रदेश के इंदौर के रहने वाले सुयश दीक्षित ने इस जगह को 'किंगडम ऑफ दीक्षित' नाम दिया था. और यहां का राजा घोषित किया था. उन्होंने अपने पिता को यहां का प्रधानमंत्री भी बनाया था. उन्होंने अपना राष्ट्रीय ध्वज बनाया और उसे बीर ताविल की जमीन पर लहराया. उन्होंने अपने इस देश के लिए एक राष्ट्रीय पशु भी चुना जो एक छिपकली थी, क्योंकि इस रेगिस्तानी इलाके में छिपकली के अलावा कोई जीव जन्तु नहीं मिलता. उन्होंने इस बंजर जमीन पर पौधा उगाने के लिए बीज डाला और उसे पानी से सींचा था.

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First published: 10 December 2019, 17:27 IST
 
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