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इस जगह पर मरना है मना, गलती की तो भुगतनी पड़ सकती है सजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2018, 12:39 IST

हर शख्स की ख्वाहिश होती है कि जिंदगी के आखिरी दिन वो अपनी जन्मभूमि पर गुजारे. यही नहीं आखिरी सांस भी वो अपनी जन्म स्थान पर ही लेना चाहता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जहां कोई शख्स अपनी जन्मभूमि पर नहीं मर सकता. क्योंकि इस जगह पर लोगों के मरने पर पाबंदी लगी हुई है.

ये जानकर आपको अजीब जरूर लगा होगा, लेकिन बात एक दम सच है. क्योंकि नॉर्वे के एक कस्बे में लोगों के मरने पर पाबंदी लगी हुई है. ये कस्बा नॉर्वे के स्वालवर्ड द्वीप की राजधानी लॉन्गइयरबेन है. खबरों के मुताबिक इस कस्बे में 1950 में यह कानून लागू किया गया था. इसके बाद आजतक इस कस्बे में लोगों का मरना गैरकानूनी है.

 

इस विचित्र कानून के बारे में जानकर आप सोच रहे होंगे कि इस कानून को आखिर लागू क्यों किया गया. दरअसल, नार्वे में तापमान काफी कम रहता है. मरने के बाद जब किसी की डेड बॉडी अगर यहां दफनाया जाता है तो वह कई साल तक वैसी ही बनी रहती हैं और वह खराब नहीं होती. और ना ही मिट्टी में मिलती है.

ऐसे में यहां कोई शख्स किसी बीमारी की वजह से मर जाता है तो उसके शव से बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. कहा जाता है कि इस कस्बे में साल 1918 में स्पेनिश फ्लू की वजह से मौत हो गई थी और लाखों लोगों की कब्रें बनी हुई हैं.

इस वजह से अगर किसी शख्स की तबीयत बहुत खराब होती है. उसके बचने की सभी संभावनाएं खत्म हो जाती हैं तो उसे किसी दूसरे स्थान पर भेज दिया जाता है. बता दें कि इस कस्बे में अभी तक ना कोई अस्पताल है और ना ही कोई मैटरनिटी सेंटर. इसीलिए महिलाओं की डिलीवरी के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है.

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First published: 28 May 2018, 12:39 IST
 
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