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इस महिला को हंसाने में फेल हो गए थे बड़े-बड़े कॉमेडियन, जानें 100 साल पुरानी क्या थी कहानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2019, 16:11 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

क्या आप यकीन कर सकते हैं कि दुनिया में कोई इंसान हंसता नहीं है. यही नहीं इस इंसान को कोई कॉमेडियन हंसा भी नहीं सकता. यकीनन आपको ये बता मजाक लगेगी, लेकिन ये हकीकत है. क्योंकि 1880 से 1930 के दशक में वॉडविले अमेरिकी मनोरंजन का सबसे लोकप्रिय रूप रहा.

शायद इसे आधुनिक अमेरिकी पॉप संस्कृति का पूर्व नाम दिया जा सकता है. बता दें कि वॉडविले में सामान्य रूप से हंसाने वाले छोटे कृत्यों की एक अनेक श्रृंखला शामिल हैं जो 6 से 15 मिनट लंबी होती थी. हालांकि उस समय में हर अपेक्षाकृत बड़े शहर में अपना स्वयं का वॉडेविले थियेटर था. न्यूयॉर्क के लिए हैमरस्टीन था.

दरअसल, विक्टोरिया थिएटर 19 वीं शताब्दी के अंत में थियेटर मोगुल ऑस्कर हैमरस्टीन द्वारा खोला गया न्यूयॉर्क का एक प्रमुख अमेरिकी वाडेविले घर था. बाद में इसके ऊपर पैराडाइज रूफ गार्डन बनाया गया. उसके बाद दोनों स्थानों को सामूहिक रूप से हैमरस्टीन के नाम से जाना जाने लगा. साल 1904 से 1914 तक यह घर ऑस्कर के बेटे विली हैमरस्टीन ने चलाया. विली हैमरस्टीन अत्यधिक लोकप्रिय वॉरविले कृत्यों पर काम करते थे. जिनमें से एक कुख्यात सोबर सू एक्ट भी था.

इसी दौरान साल 1907 में सोबर सू के उपनाम से एक कलाकार रूफ गार्डन में मंच पर दिखाई देने लगा, उसे "जो लड़की कभी हंस नहीं सकती" के रूप में संदर्भित किया जाता था. थिएटर के निर्माताओं ने उसे 1000 डॉलर का पुरस्कार देने का एलान किया, जो सोबर सू के चेहरे पर मुस्कान ला दे.

सबसे पहले, दर्शकों में से कुछ लोग मंच पर आए और मजाकिया चेहरे बनाए या अपने सबसे अच्छे चुटकुले सुनाए. लेकिन उसपर इसका कोई असर नहीं हुआ. सोबर सू का चेहरा गंभीर बना रहा. इसके बाद, पेशेवर हास्य कलाकारों ने इस चुनौती को स्वीकार किया. उन्होंने उसे हंसाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो भी असफल रहे. किसी भी तरह से सोबर सू के चेहरे पर मुस्कुराई नहीं आई.

सोबर सू के भावहीन चेहरे के बारे में विभिन्न सिद्धांत निकाले गए. कुछ लोगों ने कहा कि वह आंशिक रूप से अंधी या बहरी थी, लेकिन सच्चाई आखिरकार 1907 में सामने आई. सू के लिए मुस्कुराना या हंसना असंभव था, क्योंकि उसके चेहरे की मांसपेशियां लकवाग्रस्त थीं. बाद में यह पता चला कि वॉडविले घोटाले को विली हैमरस्टीन ने किया था.

जो पैराडाइज रूफ गार्डन का प्रबंधन करता था. विली हैमरस्टीन ने सोबर सू को प्रति सप्ताह 20 डॉलर देता था, जो उस समय कम नहीं थाबता दें कि सोबर सू की कोई तस्वीर नहीं है. ऐसा माना जाता है कि सू का वास्तविक नाम सुसान केली था और वह मोबियस सिंड्रोम से पीड़ित थीं. ये एक दुर्लभ स्थिति है जिसमें सिर की नसें कमजोर होती हैं.

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First published: 4 February 2019, 16:11 IST
 
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