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पाकिस्तान की अनोखी जगह, जहां 80 साल की औरते दिखतीं हैं जवां और खूबसूरत, 90 साल के पुरुष...

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 May 2019, 9:11 IST

आज के दौर में हर कोई जवान और खूबसूरत दिखना चाहता है. लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद उम्र के साथ जवानी और खूबसूरती कम होती जाती है, लेकिन आज हम आपको पाकिस्तान के एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां की महिलाए अगर 80 साल की भी है, तो वे दिखने में 30-40 साल की लगती हैं.

यहां कि महिलाओं को दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला कहा जाता जाता है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि यहां एक ओर जहां महिला 80 साल में भी बूढी नहीं होती. तो वहीं यहां के 90 साल के पुरुष भी पिता बन सकते हैं. हम बात कर रहे हैं, पाकिस्तान के हुंजा समुदाय की. उत्तरी पाकिस्तान की काराकोरम पहाड़ियों में स्थित हुंजा घाटी में ये लोग रहते हैं. इस जगह के लोगों की औसतन आयु 120 साल होती है.

 

इस समुदाय के लोगों को बुरुशो भी कहते हैं. इनकी भाषा बुरुशास्की भाषा है. इन लोगों को बारे में कहा जाता है कि ये सिकंदर महान की सेना के वंशज हैं, जो चौथी सदी में भारत आए थे. बताया जाता है कि यहां के लोग पाकिस्तान के अन्य समुदाय की तुलना में ज्यादा शिक्षित होते हैं. हुंजा घाटी के लोगों की जनसंख्या 85 हजार से भी ज्यादा हैं. इस समुदाय के लोग मुस्लिम धर्म को मानते हैं.

पाकिस्तान के पर्यटन स्थलों में हुंजा घाटी काफी मशहूर जगहों में से एक हैं. यहां की खूबसूरती को देखने के लिए दुनियाभर से कई लोग जाते हैं. हुंजा समुदाय के उपर काफी किताबें लिखी गई हैं. इन किताबों में सबसे ज्यादा 'द हेल्दी हुंजाज' और 'द लॉस्ट किंगडम ऑफ द हिमालयाज' काफी प्रसिद्ध किताबों में से एक है.

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हुंजा समुदाय के लोगों के बारे में कहा जाता है कि यहां के लोगों की मानसिक और शारीरिक स्थिति काफी मजबूत होती है. इनकी जीवनशैली की वजह से ही ये काफी खूबसूरत होते हैं. इनकी जीवनशैली अन्य लोगों की तुलना में काफी अलग होता है. ये लोग सुबह 5 बजे ही उठ जाते हैं. साइकिल या फिर गाड़ी का ये लोग काफी कम ही इस्तेमाल करते हैं. गाड़ी की तुलना में ये लोग पैदल ही जाना पसंद करते हैं.

बताया जाता है कि ये लोग एक दिन मे सिर्फ दो ही बार खाना खाते हैं. खाने का समय भी फिक्स होता है एक बार ये 12 बजे खाते हैं. वहीं, दूसरी बार रात के 8-9 बजे के बीच में खा लेते हैं. इनका खाना भी एकदम नेचुरल होता है. यानि इनकी सब्जियों, फल, दूध, मक्खन इत्यादि चीजों में किसी भी तरह का मिलावट नहीं होता है.

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हुंजा समुदाय के लोग खाने में बाजरा, जौ, कुट्टू और गेहूं का ही इस्तेमाल करते हैं. ये चीजें शारीरिक तौर पर मजबूत करने में सहायक होती हैं. बताया जाता है कि ये लोग नॉनवेज काफई कम खाते हैं. यानि किसी खास मौके पर ही मांस बनाते हैं.

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First published: 27 May 2019, 9:11 IST
 
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