Home » अजब गजब » Pakistani brothers dig out corpses to eat them
 

ये दोनों पाकिस्तानी 100 से अधिक मुर्दों को उनकी कब्र से निकालकर खा गए

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 January 2020, 21:32 IST

आपने आज तक ऐसी खबरें सुनी होंगी की मुर्दा घायब हो गया या फिर किसी तांत्रिक ने मुर्दे को कब्र से निकालकर अपने साथ ले गया लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है किसी इंसान ने मुर्दे को कब्र से निकाला और उसे खा गया. यह सुनने में ही अजीब लग रहा है लेकिन यह सच्चाई है. पाकिस्तान में कुछ साल पहले दो ऐसे व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इन दोनों युवकों पर आरोप था कि ये मुर्दे को कब्र से निकालकर खाते थे.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत पंजाब के भक्कर जिले के दरया खान इलाके में स्थित खवावार कलन गांव में रहने वाले दो भाई मोहम्मद फरमान अली और मोहम्मद आरिफ अली को साल 2011 में तब गिरफ्तार किया गया था जब सायरा परवीन जिनकी 24 साल की उम्र में कैंसर के कारण मृत्यु हुई थी उसका शव उनकी कब्र से गायब हो गया था.सायरा के घरवाले उन्हें कब्र में दफना कर चले गए थे लेकिन अगले दिन जब उनके परिवार वाले उनकी कब्र पर आए तो उनके होश उड़ गए थे. क्योंकि उनकी कब्र खुदी हुई थी और उसकी मिट्टी पास में ही डाली गई थी और उनका शव गायब था. इसके बाद सायरा के घरवालों ने पुलिस को इसकी शिकायत दी.

पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो उन्हें फरमान अली और आरिफ अली के बारे में पता चला और जब पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा तो पुलिस हैरान हो गई. पुलिस को उनके घर में एक पतीले में मांस जैसी कोई बनी हुई चीज मिली. घर की ओर तलाशी लेने पर पुलिस को उनके घर में एक बोरी में सायरा की कटी हुई लाश मिली. लाश के अंगो को काटकर रखा गया था. इसके बाद पुलिस ने इन दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया और पतीले को जांच के लिए लैब भेज दिया गया. लैब से आई रिपोर्ट में था कि पतीले के अंदर इंसानी मांस पकाया हुआ था. 

पुलिस ने जब इन दोनों भाईयों से पूछताछ की तो उन्होंने कबूला कि वो साल 2011 तक करीब 100 से अधिक मुर्दों को उनकी कब्र से निकालकर उन्हें खाते चुके थे. पुलिस ने इसके बाद इन दोनों भाईयों को अदालत में पेश कर दिया लेकिन इन्हें दो साल की सजा मिली क्योंकि पाकिस्तान में इस तरह की सजा के लिए कोई काननू नहीं था. इस दौरान दोनों भाई जेल में कम और अस्पातल में ज्यादा रहे जहां उनका मानसिक इलाज किया जाता रहा. साल 2013 में दोनों भाईयों की सजा पूरी हो गई और उन्हें रिहा कर दिया गया. जेल से रिहा होने के बाद जो यह दोनों भाई अपने गांव पहुंचे तो स्थानिय निवासियों ने उनका विरोध किया. दोनों भाईयों को अपनी जान का गर सताने लगा इसीलिए दोनों भाई किसी से ज्यादा मिलते जूलते नहीं थे.

अप्रैल 2014 में एक बार फिर इन दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया गया जब स्थानियों लोगों ने पुलिस ने इन दोनों भाईयों के घरों से सड़े हुए इंसानी मांस की गंध आने की जानकारी दी थी. इस दौरान जब पुलिस पहुंची तो वो नजारा ठीक वैसा ही था जैसा साल 2011 में उन्होंने देखा था. पुलिस ने इन दोनों भाईयों को फिर गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया. हालांकि अदालत के सामने परेशानी थी कि वो इन दोनों भाईयों को क्या सजा दे क्योंकि कोई कानून नहीं था जिसके बाद अदलात ने इस मामले को आतंकवाद निरोधक अदालत को सौंप दिया, जहां से दोनों भाईयों को 12-12 साल की जेल हुई. फिलहाल दोनों भाई अपने जुर्म में जेल में बंद है.

भालू का शिकार करने के लिए बाघ ने लगाई दौड़, वीडियो में देखें फिर हुआ क्या? 

 

First published: 22 January 2020, 21:04 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी