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भारत में पाई गई पहली बार गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली दुर्लभ मछली, बेहद खतरनाक है इसका जहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 June 2020, 19:14 IST

वैसे तो आपने आज तक यही सुना होगा कि गिरगिट रंग बदलने में माहिर होते हैं लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि कोई मछली गिरगिट की तरह ही रंग बदलने में माहिर हो और वो काफी जहरीली भी हो. हैरान मत होइए, दुनिया में एक मछली ऐसी है जो रंग बदलने में माहिर है और हाल ही में वो भारतीय दलस्त्रोत में पाई गई है. इस मछली की खोज पहली बार भारत में हुई है. सेंट्रल मरीन फिशरीज इंस्टीट्यूट (CMFRI) के वैज्ञानिकों ने इसे मन्नार की खाड़ी में सेठुकराई तट से दूर खोजा है. बता दें, समुद्र की जैव विविधता के दृष्टिकोण से दुनिया के सबसे समृद्ध क्षेत्र में से एक है.

वैज्ञानिकों ने जिस मछली की खोज की है उसका नाम स्कॉर्पियनफिश (scorpionfish) और वैज्ञानिक नाम स्कॉर्पिनोस्पिसिस नेगलेक्टा (Scorpaenospsis Neglecta) है. स्कॉर्पियनफिश दुर्लभ समुद्री प्रजाति है जिसकी रीढ़ की हड्डी में जहर भरा हुआ होता है और रंग बदलने में माहिर होती है. स्कॉर्पियनफिश अपने आपपास मौजूद चीजों के अनुसार अपना रंग बदल लेती है और छुपकर वहां पर अपने शिकार का इंतजार करती है.


सेंट्रल मरीन फिशरीज इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक डॉ. जेयाबास्करन ने बताया,"जब हमने पहली बार इसे देखा तो वह घास में छिपी हुई थी. पता ही नहीं चल रहा था कि वो कोई मछली है या पत्थर का छोटा टुकड़ा, लेकिन चार सेकंड के बाद ही उसने जब अपने शरीर का रंग बदल कर काला कर लिया, तब समझ में आया कि यह दुर्लभ स्कॉर्पियनफिश है." 

बता दें, स्कॉर्पियनफिश को पकड़ने के लिए बेदह ही सावधानी बरतनी पड़ती है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह पल भर में ही व्यक्ति के शरीर में जहर उड़ेल देती है.स्कॉर्पियनफिश का जगर न्यूरोटॉक्सिक होता है, एक बार इंसान के शरीर में यह पहुंच जाता है तो उसे भयंकर दर्द होता है.स्कॉर्पियनफिश इसी जहर के अपना शिकार भी करती है.वैज्ञानिकों की मानें तो स्कॉर्पियनफिश रात में शिकार करती है.

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First published: 7 June 2020, 18:59 IST
 
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