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रूस ने बनाया अपना इंटरनेट सिस्टम, चीन, ईरान कर चुके हैं ऐसी कोशिश

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 December 2019, 20:07 IST

सोमवार 23 दिसंबर को रूसी सरकार ने इस बात का ऐलान किया कि उसने अपना वैकल्पिक इंटरनेट(Russia Developed Separate Internet System) तैयार कर लिया है. सोमवार को जब सरकार ने अपने देशवासियों को इस बारे में बताया तो लोग हैरान रह गए. हालांकि लोग जब इंटरनेट(internet) इस्तेमाल कर रहे थे उस दौरान उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई.

बता दें, रूस बीते तीन सालों से यह तैयारी कर रहा था कि अगर वर्ल्ड वाइड वेब(World Wide Web) से उसका संबंध टूट जाता या फिर अमेरिकी सरकार(America) अपना हस्तक्षेप बढ़ाती हैं जो ऐसे में उसके पास क्या विकल्प मौजूद होंगे. ऐसे में रूस(Russia) बीते कुछ दिनों से लगातार अपने सिस्टम पर परीक्षण कर रहा था. बीते सप्ताह से शुरू हुए इश परीक्षण में रूसी सरकारी एजेंसियां, स्थानीय इंटरनेट सेवा प्रदाता और स्थानीय रूसी इंटरनेट कंपनियां शामिल थीं.


इस परीक्षण का लक्ष्य था कि क्या देश के राष्ट्रीय इंटरनेट बुनियादी ढांचे जिसे रूस के अंदर RuNet के रूप में जाना जाता है वो वैश्विक DNS सिस्टम और बाहरी इंटरनेट तक पहुंच के बिना कार्य कर सकता है या नहीं. इसके लिए इंटरनेट ट्रैफिक को आंतरिक रूप से फिर से रूट किया गया, जिससे रूस का RuNet दुनिया का सबसे बड़ा इंट्रानेट बना. सरकार ने परीक्षणों के बारे में कोई तकनीकी जानकारी नहीं दी कि वास्तव में इसमें क्या शामिल था.

रूस के उप संचार मंत्री एलेक्सी सोकोलोव ने कहा ,'हमने यह प्रयोग नवंबर में पारित किए गए 'संप्रभु इंटरनेट बिल' के तहत ही किया है. अमेरिकी साइबर सुरक्षा रणनीति की लगातार आक्रामक रुख को देखते हुए हम मजबूर हुए हैं.' बता दें, इससे पहले चीन और ईरान ऐसी कोशिश कर चुके हैं. वहीं दुनिया के कई देशों ने रूस के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे इंटरनेट ब्रेक-अप होगा.

मंत्री ने आगे कहा,'कानून के अनुसार, सरकारी संस्थानों और सुरक्षा सेवाओं के साथ सभी संचार ऑपरेटर्स, मैसेंजर्स और ई-मेल सेवा देने वालों को प्रयोग में भाग लेना था, जो नियमित इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को प्रभावित नहीं करते हैं. हमारा लक्ष्य था कि रूस में किसी भी परिस्थिति में यहां के हर नागरिक को बिना रुकावट इंटरनेट सेवा मिले.'

बता दें, पहले अप्रैल में सरकार यह परीक्षण करना चाहती थी लेकिन कानून नहीं बन पाया था. सरकार ने बीते महीने ही कानून पास कराया है, जिसे "इंटरनेट संप्रभुता" कानून कहा जाता है, यह रूसी सरकार को "राष्ट्रीय सुरक्षा" के आधार पर इच्छाशक्ति और थोड़े स्पष्टीकरण के साथ बाकी इंटरनेट से देश को डिस्कनेक्ट करने की शक्ति देता है.

ऐसा करने के लिए, कानून यह कहता है कि सभी स्थानीय इंटरनेट सेवा प्रदाता रूस के संचार मंत्रालय के प्रबंधन के तहत रणनीतिक चॉकोपाइंट्स के माध्यम से सभी इंटरनेट ट्रैफ़िक को पुन: रूट करते हैं.

बता दें, इंटरनेट किसी सरकार का द्वारा कंट्रोल नहीं किया जाता है. यह मिलकर काम करने वालों का एक समूह है. कुछ एजेंसी सलाह देकर, कुछ मानकों को निर्धारित करके और अन्य मुद्दों की जानकारी देकर इसे काम करने में मदद करती हैं.

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First published: 26 December 2019, 19:58 IST
 
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