Home » अजब गजब » supreme court judgment for divorcee about sharing photo on social media, supreme court of india, judgement, justice in india, social media,
 

तलाक के बाद एक-दूसरे की फोटो सोशल मीडिया में नहीं डाल सकते पति-पत्नी: सुप्रीम कोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 January 2018, 14:21 IST

सोशल पर तस्वीरें साझा करने का चलन आम हो गया है. कई मामलों में रिश्तों में दरार आने के बाद भी पति-पत्नी सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की तस्वीरों का प्रयोग करते हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एक दंपति को तलाक के बाद ऐसा करने पर रोक लगा दी. यही नहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तलाकशुदा पति-पत्नी एक दूसरे के फोटो का किसी भी तरह से प्रयोग नहीं कर सकेंगे.

37 लाख रुपये की देनी होगी स्थायी निर्वाह निधि

इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने दंपति को तलाक की मंजूरी तो दे दी. साथ ही दोनों को इंटरनेट या सोशल मीडिया सहित किसी भी स्थान पर एक-दूसरे की तस्वीर लगाने की रोक भी लगा दी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के अगुवाई वाली पीठ ने दोनों को तलाक की मंजूरी देते हुए एक इंजीनियर को दो महीने के भीतर महिला को 37 लाख रुपये की स्थायी निर्वाह निधि देने का निर्देश दिया है.

ये भी पढ़े- अगले महीने लॉन्च होने वाले Xiaomi के इस स्मार्टफोन में नहीं होंगे किनारे!

 

झगड़े ने किया एक-दूसरे को जुदा

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने दोनों पक्षों की दलील सुनीं कि वे झगड़े को खत्म करना चाहते हैं और उनकी शादी खत्म की जाए. इसके बाद पीठ ने यह आदेश दिया. पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘न तो पति और न ही पत्नी सोशल मीडिया या ऑनलाइन समेत किसी भी स्थान पर किसी भी तरह से एक-दूसरे की तस्वीर लगाएंगे.’

भविष्य में एक-दूसरे पर नहीं कर सकेंगे कोई दावा

महिला ने अपने वकील दुष्यंत पाराशर के जरिए अदालत को बताया कि व्यक्ति को उसकी निर्वाह निधि देने का निर्देश दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दर्ज दो FIR के कारण चली आपराधिक कार्यवाही को भी रद्द कर दिया.

कोर्ट ने कहा, ‘दोनों पक्षों की तलाक की याचिका का निस्तारण किया जाता है और पति और पत्नी एक-दूसरे पर भविष्य में कोई दावा नहीं कर सकते.’

First published: 28 January 2018, 14:21 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी