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रहस्यों से भरी है ये झील, यहां आने वाला हर पशु-पक्षी पलभर में बन जाता है पत्थर

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2018, 14:29 IST

दुनिया में अजूबों की कमी नहीं है. कहीं नदी में सोना बहता है तो कहीं पेड़ों पर पैसे लगने की कहानी सामने आती है. ऐसी ही कुछ है तंजानिया की एक झील जहां जाने वाला हर पशु-पक्षी देखते ही देखते पत्थर बन जाता है. ये रहस्यमयी झील तंजानिया के उत्तरी भाग में हैं. इस झील का नाम 'नेट्रान झील' है.

जब एक फोटोग्राफर निक ब्रांड्ट उत्तरी तंजानिया की नेट्रान झीव की तटरेखा पर पहुंचे तो वहां के दृश्य को देखकर चौक गए. क्योंकि झील के किनारे जगह-जगह पशु-पक्षियों के स्टैच्यू नजर आ रहे थे.वे स्टैच्यू असली मृत पक्षियों के थे. इसकी वजह पशु-पक्षियों का इस झील के पानी की वजह से कैल्सिफाइड होकर पत्थर बन जाना था.

निक ब्रांड्ट ने जब अपनी फोटो बुक "अक्रॉस द रिवेज्ड लैंड” लिखी तब इसमें इस बात का जिक्र किया गया.उन्होंने अपनी इस किताब में लिखा कि कोई भी निश्चित रूप से नहीं जानता है की ये कैसे मरे, लेकिन लगता है की लेक की अत्यधिक रिफ्लेक्टिव नेचर ने उन्हें दिग्भ्रमित किया.

जिसकी वजह से वे सब पानी में गिर गए. ब्रांड्ट आगे लिखते हैं पानी में नमक और सोडा की मात्रा बहुत ही ज्यादा है, इतनी ज्यादा कि इसने मेरी कोडक फिल्म बॉक्स की स्याही को कुछ ही सेकंड में जमा दिया. पानी में सोडा और नमक की ज्यादा मात्रा इन पक्षियों के मृत शरीर को सुरक्षित रखती है.

ब्रांड्ट ने इन पक्षियों के फोटो का संकलन अपनी इसी किताब में किया है.यह किताब उस फोटोग्राफी डाक्यूमेंट का तीसरा वॉल्यूम है, जिसे निक ने पूर्वी अफ्रीका में जानवरों के गायब होने पर लिखा था. दरअसल, पानी में अल्कलाइन का स्तर पीएच9 से पीएच 10.5 है, यानी अमोनिया जितना अल्कलाइन.

लेक का तापमान भी 60 डिग्री तक पहुंच जाता है. पानी में वह तत्व भी पाया गया जो ज्वालामुखी की राख में होता है. इस तत्व का प्रयोग मिस्र के लोग ममी को सुरक्षित करने के लिए रखते थे.

ब्रांड्ट ने अपनी किताब लिखा है कि सारे प्राणी कैल्सीफिकेशन की वजह से चट्टान की तरह मजबूत हो चुके थे. इसलिए बेहतर फोटो लेने के लिए हम उनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं कर सकते थे. इसलिए फोटो लेने के लिए हमने उन्हें वैसी ही अवस्था में पेड़ों और चट्टानों पर रख दिया.

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First published: 4 August 2018, 14:29 IST
 
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