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सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरा बने सिक्योरिटी कैमरों को धोखा देने वाले अनोखे कपड़े

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 January 2017, 15:35 IST

दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए नए तरह के कपड़े चुनौती और खतरा बन चुके हैं. एंटी-सर्विलांस वाले यह कपड़े पहनने पर लोगों को सिक्योरिटी कैमरे पहचान नहीं पाएंगे. यह कपड़े डिजिटल चेहरों के घोस्टली कलर्ड पैटर्न्स (भूतिया रंग वाले पैटर्न) का इस्तेमाल करते हैं जिनसे फेसियल रिकगनिशन सॉफ्टवेयर इन्हें पहचानने में गलती कर देते हैं.

यह पैटर्न्स एक साथ कई आभासी या गलत चेहरों के एक साथ दिखाई देने का भ्रम पैदा करते हुए फेसियल रिकगनिशन सिस्टम को कंफ्यूज कर देते हैं. 

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इन कपड़ों को 'हाइपरफेस' प्रोजेक्ट के एक हिस्से के रूप में निर्मित किया गया है, जो आंखों, नाक और चेहरों को कपड़ों पर प्रिंट करते हैं. वहीं, कंप्यूटर की एल्गोरिद्म इन पैटर्न्स को चेहरे के रूप में पहचानती हैं.

इससे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर को एक साथ ढेरों चेहरों की पहचान करने का भ्रम पैदा हो जाता है जिससे वो गलती कर देता है और पहचान नहीं पाता कि असल चेहरा कौन सा है. 

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यह हाइपरफेस प्रोजेक्ट बर्निल कलाकार और टेक्नोलॉजिस्ट ऐडम हार्वे के दिमाग की उपज है. और यह पहला ऐसा एंटी-सर्विलांस ट्रेंड नहीं है जो उन्होंने शुरू किया. 

इससे पहले एक 'सीवी-डैजल' नाम के पिछले प्रोजेक्ट में ऐडम ने एक ऐसी स्टाइल खोजने की कोशिश की थी जो फेसियल रिकगनिशन सॉफ्टवेयर को ब्लॉक कर दे.

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इसके लिए ऐडम ने डैजलिंग फ्लोरोसेंट मेकअप और हेयरस्टाइलिंग विकसित किया था जो चेहरे का कुछ हिस्सा ढंककर सर्विलांस सॉफ्टवेयर को भ्रमजाल में डाल देता था.

हाल ही में हैमबर्ग में आयोजित केओस कम्यूनिकेशंस कांग्रेस हैकिंग कॉन्फ्रेंस में ऐडम ने कहा, "जैसे मैंने अपने पिछले प्रोजेक्ट में देखा कि आप अपने दिखने के तरीके को बदल सकते हैं. लेकिन कैमोफ्लॉज (छिपाने के लिए आसपास के वातावरण से मिलते-जुलते भ्रम में डालने वाले कपड़े) में आप किसी 'फिगर' और 'ग्राउंड' से उसके संबंध के बारे में सोच सकते हैं. इसके अलावा एक यह भी मौका होता है कि आप इस 'ग्राउंड' को मॉडीफाई कर सकें. यानी जो चीजें आपके आसपास दिखती हैं उनमें बदलाव कर सकें जिससे कंप्यूटर विजन के स्कोर को भी मॉडीफाई किया जा सकता है."

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और ऐसै में हाईपरफेस का लक्ष्य सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को परेशान करना होता है. इससे सॉफ्टवेयर की जरूरत वाली एल्गोरिद्म ओवरलोड हो जाती है और कंप्यूटर उस निर्धारित क्षेत्र में चेहरे की पहचान को पुख्ता नहीं कर पाता.

हाइपरफेस ईरी पैटर्न्स बनाता है जिसे सिक्योरिटी कैमरे से बचने के लिए सीधे अपने चेहरे पर सीधे लगा सकते हैं या किसी निर्धारित स्थान पर लगाया जा सकता है. 

ऐडम कहते हैं, "इसका इस्तेमाल आपके आसपास के वातावरण को मॉडीफाई करने में भी किया जा सकता है, फिर चाहे कोई व्यक्ति आपके बिल्कुल बगल में ही खड़ा हो और वो भी अगर आपने इसे अपने सिर, चेहरे या किसी भी अन्य तरह से पहना हो."

बातचीत के दौरान ऐडम ने सन 1910 में खींची गई एक सड़क की तस्वीर को भी दिखाया जिसमें हर व्यक्ति एक हैट पहने हुए था जिससे उनका चेहरा ढक गया था. वो कहते हैं, "अब से 100 साल में हम फैशन के तौर-तरीकों और जैसे दिखते हैं उनमें भी बिल्कुल इसी तरह का बदलाव करेंगे. कैसा लगेगा उस वक्त? उम्मीद है कि कुछ ऐसा जिससे आपकी निजता को बढ़ाया जा सके."

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बता दें कि ऐड और उनके डिजाइन पार्टनर हाईफन लैब्स इस माह के अंत में हाइपरफेस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ और जानकारी साझा करेंगे.

First published: 6 January 2017, 15:35 IST
 
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