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रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाती थी ये गुड़िया, जिंदा इंसानों जैसा करती थी बर्ताव

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 August 2018, 10:31 IST

बच्चों को डॉल्स के साथ खेलना बहुत पसंद होता है. छोटे बच्चे डॉल्स को अपने दोस्तों की तरह प्यार करते हैं, लेकिन कई बार ऐसी कहानियां भी सुनने को मिलती हैं जिनमें डॉल्स बच्चों की दोस्त नहीं होती, बल्कि वो इतनी खतरनाक होती हैं जिन्हें देखकर बड़े-बड़ों की रूह कांप जाए. आज हम आपको एक ऐसी ही गुड़िया के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने इंसानों को खूब डराया.

फिल्मों में कई बार आपने भूतिया गुड़ियों को देखा होगा, लेकिन हकीकत में नहीं. लेकिन दुनिया में एक भूतिया गुड़िया है जिसे जिंदा माना जाता है. दरअसल, फिल्म एनाबेल क्रिएशन में इसके बारे में जो दिखाया गया है वो इस गुड़िया की सच्ची कहानी से अलग है.

बता दें कि अमेरिकन लेखक जॉनि ग्रुएल ने सबसे पहले अपनी एक रचना में इसका जिक्र किया था. लेकिन सच ये है कि बेहद रहस्यमयी ढंग से ये डॉल उनकी जिंदगी में आई थी. दरअसल, बात उस वक्त की है जब लेखक जॉनि ग्रुएल बच्चों के लिए एक किताब की श्रृंखला की रचना करने जा रहे थे. उन्होंने 'रेजड़ी अन्न सीरीज' नाम की एक किताब के साथ एनाबेले डॉल को मार्किट में लॉन्च किया.

डॉल के पीछे छुपी अनोखी कहानी ने लोगों को इसे जानने के लिए मजबूर कर दिया.बात उस वक्त की है जब जॉनि ग्रुएल को अपनी घर के बैकयार्ड में यह डॉल मिली. जब उनकी बेटी मार्सेला पैदा हुई तो उसी डॉल से वो हर वक्त खेलती रहती थी. जॉनि ने जब अपनी बेटी को डॉल के साथ खेलते हुए देखा तो उन्हें रेजड़ी अन्न स्टोरीज लिखने का आइडिया आया.

लेकिन 13 साल की उम्र में ही उनकी बेटी मार्सेल की मौत हो गई. उसकी मौत का कारण संक्रमित टीका बताया गया. मार्सेला की मौत के बाद जब 'रेजड़ी अन्न स्टोरीज' को मार्केट में लाया गया तब उस डॉल का मॉडल भी बुक के कवर पेज पर छापा गया. ये मार्सेला को श्रद्धांजलि देने के कारण ही लॉन्च किया गया था.

लेकिन मार्सेला की मौत के बाद असली एनाबेले डॉल जिससे मार्सेला खेला करती थी, वो अचानक घर से कहीं गायब हो गई. जिस रहस्यमयी ढंग से ये डॉल उस घर में आई थी ठीक वैसे ही वो वहां से लापता हो गई. किसी को नहीं पता था कि वह गुड़िया कहां गई. मार्सेला ने उसके बारे में पता लगाने की काफी कोशिश भी की लेकिन उसका पता नहीं चला और फिर एक दिन वो असली डॉल एक एंटीक शॉप में मिली.

बताया जाता है कि 1970 में डोना नाम की एक नर्सिंग स्टूडेंट को उसकी मां ने ये डॉल गिफ्ट की थी. लेकिन डोना ने डॉल को पाने के बाद से ही उसमें कुछ अजीब चीजें नोटिस की. डोना ने देखा की डॉल अपने आप ही पोजीशन चेंज कर रही थी. कभी-कभी डोना डॉल को एक रूम में रखके कहीं बहार जाती थी तो वापस लौटने पर वह डॉल उसे वहां नहीं मिलती थी.

तलाशने पर उसे वो गुड़िया घर के किसी दूसरे कोने मिलती. एक दिन डोने ने कमरे में लौटने के बाद देखा की डॉल के हाथ और पीठ पर खून के धब्बे लगे हुए हैं. ये सब देख वो बुरी तरह कांप गई. डोना को समझ आ गया कि उसके साथ कुछ बुरा हो रहा है. इसके बाद डोना ने फौरन पैरानॉर्मल एक्टिविटी एक्सपर्ट एड और लॉरेन को बुलाया.

एड और लॉरेन ने पाया कि यह डॉल भूतिया है तब डोना और ज्यादा डर गई. उसने उस गुड़िया को वहां से ले जाने के लिए कहा. एड और लॉरेन उस वक्त उस गुड़िया को अपने साथ कार में ऑकल्ट म्यूजियम में ले गए, लेकिन कार से जाते वक्त ही डॉल ने कुछ ऐसी हरकत शुरू कर दी जिसका अंदाजा उन दोनों को नहीं था.

 

गुड़िया ने अपनी पूरी ताकत से उन्हें रोकने की कोशिश की. गुड़िया ने बार-बार कार की स्टेरिंग घुमाने की कोशिश करने लगी. मानो कि वो उन्हें कही और ले जाना चाहती हो. बड़ी मुश्किल से एड और लॉरेन अपनी मंजिल तक पहुंचतेएड और लॉरेन उस शापित भूतिया डॉल को अपने म्यूजियम में मंत्र से एक कांच के बक्से में बंद करके रख दिया. माना जाता है कि आज भी उसकी भूतिया ताकत मौजूद है. इसीलिए उस गुड़िया के पास किसी को नहीं जाने दिया जाता.

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First published: 7 August 2018, 10:31 IST
 
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