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इन अपराधियों को मिली ऐसी अनोखी सजा, जानकर दंग रह जाएंगे आप

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 January 2019, 23:09 IST

दुनियाभर अपराधियों को सजा देने के अलग-अलग तरीके रहे हैं. आज भी सभी देश अपने कानूनों के मुताबिक अपराधियों को सजा देते हैं. लेकिन कई बार कुछ अदालतें अपराधी को ऐसा सजा दे देती है जिनके बारे में सुनकर कोई भी हैरान रह सकता है. क्योंकि ऐसी सजाओं के बारे में आपने आज तक नहीं सुना होगा.

क्या आपने कभी सुना है कि किसी अपराधी को ऐसी सजा दी गई हो जिससे वो बोर हो जाए. लेकिन एक शिकारी को ऐसी ही सजा दी गई कि वो बोर रहा. दरअसल इस शिकारी को एक साल तक जेल में रहकर महीने में कम से कम एक बार डिज्नी का बाम्बी कार्टून देखने की सजा दी गई. ये सजा अमरीका के मिसौरी के रहने वाले डेविड बेरी को दी गई थी. वो कई हिरणों के शिकार का दोषी पाया गया था. हालांकि ये साफ नहीं हुआ कि कार्टून देखकर डेविड की सोच बदली या नहीं. लेकिन ऐसा करने वो बोर जरूर हो गया.

साल 2003 में शिकागो के दो युवकों को 45 दिन की जेल की सजा सुनाई गई थी. उनको सजा के साथ अपने गृहनगर में एक गधे के साथ मार्च करने का आदेश दिया गया था. बता दें कि दोनों को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर चर्च से बाल ईसा मसीह की मूर्ति चुराने और उसे नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया था. इनका नाम जेसिका लांग और ब्रायन पैट्रिक था. जब उन्होंने मूर्ति चुराई तब उनकी उम्र 19 साल थी. उन्हें गधे के साथ मार्च करते हुए एक पोस्टर साथ रखना पड़ा था, जिस पर लिखा था, 'बेवकूफीभरे अपराध के लिए खेद है'.

 

बता दें कि ओकलाहोमा में हाई स्कूल के एक छात्र को एक व्यक्ति की मौत का दोषी पाया गया, लेकिन वह जेल जाने से बच गए. साल 2011 में 17 साल के टाइलर एलरेड शराब पीकर ड्राइव कर रहे थे, जिसकी वजह से एक्सीडेंट में उनके एक दोस्त की मौत हो गई. छात्र को आदेश दिया गया कि अगर उन्हें जेल जाने से बचना है तो उन्हें हाई स्कूल और ग्रेजुएशन खत्म करना होगा, साल भर के लिए ड्रग, शराब और निकोटिन टेस्ट करवाना होगा, मृतक के लिए बनाए गए पैनल का हिस्सा बनना होगा और दस साल तक चर्च आना होगा.

वहीं स्पेन के एंडालूसिया में एक युवक अपने माता-पिता को पॉकेट मनी बंद करने पर कोर्ट ले आया. बता दें कि 25 साल का ये युवक अपने माता-पिता से महीने में 355 पाउंड की मांग कर रहा था. मलागा के एक फैमिली कोर्ट ने युवक को ही सजा सुना दी कि उसे 30 दिन के अंदर अपने माता-पिता का घर छोड़ना होगा और अपने पैरों पर खड़ा होना सीखना होगा.

साल 2008 में एंड्रयू वेक्टर पर अपनी कार में तेज आवाज में संगीत सुनने पर 120 पाउंड का जुर्माना लगाया गया था. वे अपना पसंदीदा संगीत 'रैप' सुन रहे थे. जज ने कहा कि वह जुर्माने की रकम घटाकर 30 पाउंड कर देंगे, लेकिन इसके लिए उसे 20 घंटों तक बीथोवन, बाख और शोपेन का शास्त्रीय संगीत सुनना पड़ेगा.

बता दें कि जज चाहते थे कि वेक्टर यह समझें कि अनचाहा संगीत सुनना कैसा लगता है. वेक्टर सिर्फ 15 मिनट तक ही वो संगीत सुन पाया. हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वो इसलिए चले गए क्योंकि वो बास्केटबॉल की प्रैक्टिस नहीं छोड़ना चाहते थे.

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First published: 1 January 2019, 23:09 IST
 
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