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वीरान पड़ी भयानक पहाड़ी पर 25 साल से अकेला रह रहा है ये बुर्जुग...

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2018, 13:38 IST

जॉर्जिया का कात्सखी पिलर सदियों से वीरान पड़ा है. लेकिन इस पिलर पर एक शख्स पिछले कई सालों से अपना आशियाना बसाए हुए है. इस पिलर की ऊंचाई 130 फीट है. इस पिलर पर मैक्जिम नाम का एक क्रिश्चिय साधू अकेला रहता है.

ये पिलर एक घाटी में अकेला खड़ा है.जिस पर मैक्जम ने अपना घर बनाया हुआ है. ये पिलर एकदम सीधा, खंभे जैसा पहाड़ है. इसके शिखर पर अकेले रहने की कल्पना भी डरावनी लगती है. लेकिन 63 साल के मैक्जिम इस पिलर पर पिछले 25 साल से रह रहे हैं. उसका का कहना है कि इस खतरनाक दिखने वाले पहाड़ ही चोटी पर रहते हुए वह ईश्वर के और करीब पहुंच गए हैं. बता दें कि वे एक क्रिश्चियन साधू हैं जिन्हें मोंक कहा जाता है. उनका पूरा नाम मैक्जिम काव्टारड्जे है.

बता दें कि मैक्जिम 1993 से इस 130 फुट ऊंचे ‘कात्सखी पिलर’ पर रह रहे हैं. वे वहां अकेले ही रहते हैं और सप्ताह में सिर्फ दो बार नीचे उतरते हैं. नीचे उतरने के लिए 131 फीट की सीढ़ियां हैं. इसमें मैक्जिम को 20 मिनट लगते हैं. बाकी समय मैक्जिम के फॉलोअर्स उन्हें जरूरत का सामान एक चकरघिन्नी के जरिए पहुंचाते हैं.

बता दें कि खंभे की तरह दिखने वाले पहाड़ की चोटी पर मैक्सिम ने एक छोटी सी कॉटेज बनाई है. उसी में एक प्रार्थना कक्ष है. कुछ प्रीस्ट्स और कुछ परेशान युवा वहां कभी-कभार आकर प्रार्थना करते हैं.

बता दें कि मोंक बनने से पहले मैक्जिम क्रेन ऑपरेटर का काम करते थे. मैक्जिम बताते हैं कि युवावस्था में वे शराब और ड्रग्स के आदी थे. फिर वजह से एक बार उन्हें जेल जाना पड़ा. उसके बाद उनकी जिंदगी एक दम से बदल गई. उन्होंने फैसला लिया कि वो अब मोंक बनेंगे.

बताया जाता है कि जॉर्जिया में स्टीलाइटेस क्रिश्चियन संप्रदाय के लोग एेसे ऊंचे पहाड़ों की चोटी पर रहा करते थे. उनका मानना था कि इससे वे सांसारिक प्रलोभनों से दूर रहेंगे साथ ही वो खुद को ईश्वर के नजदीक पाएंगे.

कात्सखी पिलर सदियों तक एक वीरान घाटी में उजाड़ पड़ा रहा. स्थानीय लोगों को पर्वत चोटी पर खंडहर तो नजर आते थे, लेकिन किसी ने वहां तक पहुंचने की कोशिश नहीं की. लेकिन मैक्सिम के पिलर के शिखर पर रहने के बाद यहां का नजारा बदल गया. मैक्सिम इस पिलर पर ही ईश्वर की प्रार्थना करते हैं. उनका ज्यादातर वक्त ईश्वर की प्रार्थना में ही गुजरता है.

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First published: 6 July 2018, 13:37 IST
 
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