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दो परमाणु हमलों को झेलने के बाद भी बचने वाला अकेला व्यक्ति

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 March 2020, 10:42 IST

दूसरे विश्व युद्ध (World War II) के दौरान अमेरिका (America) ने जापान (Japan) के हिरोशिमा (Hiroshima) और नागासाकी (Nagasaki ) पर अलग अलग दिन परमाणु बम (Atomic Bomb) से हमले किए थे. इस हमले में जापान के हिरोशिमा में करीब 40 हजार लोगों ने अपनी जान गंवाई थी जबकि 9 अगस्त को नागासाकी पर हुए हमले में 70 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी.  हालांकि कुछ लोग ऐसे भी थे जो इस बम धमाके से बच निकले. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक व्यक्ति इन दोनों बम धमाकों से बच निकला. इस व्यक्ति को दुनिया का एकमात्र व्यक्ति कहा जाता है और इसका नाम सुतोमू यामागुची है. हलांकि साल 2010 में पेट के कैंसर के कारण सुतोमू यामागुची की 93 वर्ष की उम्र में मृत्यु हो गई थी.

जापान के अधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार जिस दिन अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था उस दिन सुतोमू यामागुची किसी काम से हिरोशिमा गए हुए थे. उस दिन परमाणु बम धमाकों के कारण हिरोशिमा सुतोमू यामागुची बुरी तरह से झुलस गए थे. हालांकि वहां उन्होंने एक रात बिताई और उसके बाद वो अपने घर नागासाकी चले गए थे जहां 9 अगस्त को एक और परमाणु बम धमाका हुआ था.


 

हालांकि पहले रिकॉर्ड में उनका नाम यामागुची था लेकिन बाद में उनका पूरा नाम दर्ज किया गया. सुतोमू यामागुची ने उसके बाद कहा था,'मेरा दोनों परमाणु बम धमाकों से बचनेवाला एकमात्र जीवित व्यक्ति होना अब एक सरकारी रिकॉर्ड है. इससे आनेवाली पीढ़ियाँ मेरी मृत्यु के बाद भी परमाणु बम हमलों का रोंगटे खड़े कर देनेवाला इतिहास जानती रहेंगी.'

बता दें, जापान में जो लोग इन परमाणु हमलों में बच गए थे वहां की सरकार उन्हें हर महीने मुआवजा देती है. इन लोगों को स्थानिय भाषा में हिबाकुशा कहा जाता है. इन पमराणु हम हमलों से जो लोग बचे थे, उन्हें रेडिएशन के कारण कई बीमारियां हुई थी, जिसमें कैंसर जैसी घातक बीमारी भी है.

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First published: 6 March 2020, 14:38 IST
 
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