Home » अजब गजब » Turkmenbashi Saparmurat Niyazov rule was authoritarian and eccentric
 

वो तानाशाह जिसने बनवाई थी अपनी सोने की मूर्ति, जिसके अजीबोगरीब फैसले को जानकर हो जाएंगे हैरान

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 February 2020, 13:00 IST

तानाशाह का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में जो ख़याल आता है उसमें एक आदमी अपनी सनक के सामने सही और गलत का अंतर नहीं मानता और अपनी चलाता है और अगर कोई उसका विरोध करे तो उसको वो मरवा देता है. लेकिन कुछ तानाशाह ऐसे भी हुए हैं जो अपनी देश की प्रजा के लिए किसी भगवान से कम ना थे. लीबिया का मुअम्मर गद्दाफी ऐसा ही एक तानाशाह था लेकिन वो सिर्फ इस लिस्ट में अकेला नाम नहीं है. तुर्कमेनिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति नियाजोव भी एक ऐसा तानाशाह था जिसने अपनी तुर्कमेनिस्तान की जनता को काफी कुछ फ्री में दिया था. लेकिन इसकी सनक कुछ ऐसी थी जिसके बारे में आप जानकर हैरान रह जाएेंगे.

तुर्कमेनिस्तान (Turkmenbashi) में सपरमुरात नियाजोव (Saparmurat Niyazov) का जन्म 19 फरवरी 1940 को हुआ था. नियाजोव ने तुर्कमेनिस्तान पर लगभग 15 वर्षों तक शासन किया था. नियाज़ोव का शासन 1991 में शुरू हुआ था जब पूर्व सोवियत गणराज्य ने USSR ने तुर्कमेनिस्तान के स्वतंत्रता की घोषणा की थी. नियाजोव के पिता द्वितीय विश्व युद्ध में रेड आर्मी के लिए लड़ते हुए मारे गए थे. जबकि अक्टूबर 1948 में अश्गाबात क्षेत्र में तबाही मचाने वाले भूकंप में उनकी माँ और दो भाइयों की मृत्यु हो गई थी. ऐसे में नियाज़ोव एक अनाथालय में पला-बढ़ा. साल 1967 में उसने इंजीनियरिंग में डिग्री के साथ लेनिनग्राद पॉलिटेक्निक संस्थान से स्नातक किया.


तुर्कमेनिस्तान का राष्ट्रपति बनने के बाद नियाजोव ने कई अजीबोगरीब फैसले लिए. जैसे साल1999 में उसने खुद को आजीवन तुर्कमेनिस्तान का राष्ट्रपति नियुक्त किया. इतना ही नहीं उसने महीनों के नाम बदल दिए और अपने परिवार वालों के नाम रख दिए. युवाओं को दाढ़ी रखने या लंबे बाल रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. नागरिकों को भी सोने के दांत निकालने का आदेश दिया गया था.

नियाजोव अपने खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को उनके घरों से बाहर नहीं निकलने देता था. इतना ही नहीं इन लोगों को हिरासत में ले लिया जाता था और उन्हें मनोरोग अस्पताल में भर्ती किया जाता था. मीडिया पर सरकार का पूरी तरह से नियंत्रण था और इंटरनेट की पहुंच भी सीमित थी.

नियाज़ोव ने ओपेरा पर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. उसने पुरूषों को गाड़ियों में रेडियो सुनने पर प्रतिबंध लगा दिया था. उसने शादियों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में रिकॉर्ड किए गए संगीत के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगा दिया. साल 1997 में उसके एक सर्जरी हुई जिसके बाद उसने धूम्रपान छोड़ दिया, तो उनके सभी मंत्रियों को धूम्रपान छोड़ने और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगा दिया.

उन्होंने कारा कुम रेगिस्तान में एक विशाल मानव निर्मित झील, रेगिस्तान की जलवायु को बदलने के लिए एक विशाल सरू जंगल, राजधानी के बाहर एक बर्फ का महल, एक स्की रिसॉर्ट और एक 130 फीट पिरामिड सहित गैस से देश की विशाल संपत्ति का दोहन किया. उन्होंने मध्य एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद का निर्माण किया, जिसे स्पिरिट ऑफ तुर्कमेनबाशी कहा जाता है, £ 60m से अधिक की कथित लागत पर.

दुनिया का एकमात्र तानाशाह जो लोगों के मरने के बाद पीता था उनका खून, भारतीयों पर ढाया था जुल्म

पाकिस्तान को वो राष्ट्रपति जो बाद में बना प्रधानमंत्री, रात में दो बजे लटकाया गया फांसी पर

First published: 20 February 2020, 12:12 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी